रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 अगस्त। सेंट विन्सेंट पैलोटी कॉलेज, रायपुर, और दुर्गा महाविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आज, 2 अगस्त 2025 को अत्यंत सफलतापूर्वक समापन हुआ। होलिस्टिक एप्रोच एम्पोवेरिंग एडुकेटर्सविषय पर केंद्रित इस व्यापक एफडीएफ के अंतिम दिन, फैकल्टी की भूमिका का मूल्यांकन किताबी ज्ञान के अलावा करियर एवं नवाचार की शिक्षा, विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर कुलदीप दुबे ने बताया कि सत्र को कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के सी.सी.आर.सी. के निदेशक, पंकज तिवारी ने संबोधित किया। श्री तिवारी ने शिक्षा के तेजी से बदलते परिदृश्य में शिक्षकों की गतिशील भूमिका के विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कई व्यावहारिक उदाहरणों और प्रेरणादायक केस स्टडीज के माध्यम से समझाया कि कैसे शिक्षक छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करने के बजाय, उन्हें वास्तविक दुनिया की जटिल चुनौतियों के लिए कुशलतापूर्वक तैयार कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को उद्योग की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने और नवाचार को लगातार बढ़ावा देने के लिए गहन मार्गदर्शन प्रदान करने के महत्व पर विशेष बल दिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि, प्रो. एस. के. सिंह, पूर्व कुलपति, बस्तर विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और सभी प्रतिभागियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
आयोजन के संरक्षक महाविद्यालय के डायरेक्टर फादर अमित तिर्की, प्राचार्य डॉ. कुलदीप दुबे एवं डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार प्राचार्य दुर्गा रायपुर है। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. जी. पद्मा गौरी एवं डॉ. पूजा राठी विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस है। इस अवसर पर सेंट विन्सेंट पैलोटी कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, सहित बड़ी संख्या में समर्पित शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


