रायपुर
महिला को बेल्ट से मारा था, कोर्ट की फटकार भी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 2 अगस्त। कोतवाली इलाके में महिला से मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार को लेकर कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज हुआ है। यास्मीन बानो ने अपने पति और उसके परिजनों से विवाद के बाद पुलिस और न्यायिक सहायता मांगी थी।
प्राप्त जानकारी मुताबिक यास्मीन बानो ने महिला थाना रायपुर में पारिवारिक विवाद के संबंध में पहले शिकायत की गई थी। तीन बार काउंसलिंग कराई गई। आरोप है कि महिला थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद पीडि़ता ने पुलिस अधीक्षक, रायपुर के समक्ष शिकायत की।
शिकायत के बाद जब यास्मीन को एफआईआर दर्ज कराने थाने बुलाया गया, तो वहाँ सैय्यद आसिफ अली अपने साथियों देवेन्द्र सोनकर और भरत ठाकुर के साथ मौजूद था। आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला थाना की अधिकारी वेदवति दरियो ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए पीडि़ता की बात अनसुनी कर दी। इसी दौरान सैय्यद आसिफ अली ने यास्मीन को अपमानजनक शब्द कहे और उसके चरित्र पर लांछन लगाए। पीडि़ता के मां के विरोध करने पर वेदवति दरियो ने बेल्ट निकाल कर अपने स्टाफ से डंडे लाने को कहा, जिसके बाद शारदा वर्मा, फगेश्वरी कंवर और अन्य स्टाफ के साथ मिलकर पीडि़ता व उसके परिजनों के साथ मारपीट की गई। इस हमले में यास्मीन बानो के गर्दन व पीठ पर डंडे व बेल्ट के निशान आए हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भूपेश कुमार बंसत की अदालत से 3 जुलाई को धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत निर्देश मिलने के बाद कोतवाली में आरोपी वेदवति दरियो, शारदा वर्मा, फगेश्वरी कंवर और सैय्यद आसिफ अली के विरुद्ध आईपीसी की धारा 294, 323, 506(2), 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।


