रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई। क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी पर लगे 3 प्रतिशत कमीशन खोरी के आरोपों की जांच के मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा- ये पहली घटना नहीं, राजनांदगांव से भी ऐसी चिट्टी आई है। सरकार सिर्फ ढोल पीट रही है। नेता मंत्री जनता की गाढ़ी कमाई लूटने में लगे हैं। 36 हजार की जग के मामले की तरह इस मामले की भी लीपापोती की जा रही है । बैज ने पूछा कि क्या इस पर सरकार जांच करेगी या लीपापोती करने का काम करेगी। शिकायत किसी और ने नहीं क्रेडा के वेंडरों ने ही पीएम, सीएम समेत कई नेताओं को पत्र लिखा।कमीशन नहीं देने पर डराने धमकाने का आरोप लगाया है। महादेव को लेकर भाजपा के कार्टून पोस्टर पर बैज ने कहा कि भाजपा को पहले बताना चाहिए कि महादेव सट्टा एप बंद हुआ कि नहीं ,और नहीं हुआ तो क्यों नहीं हुआ।
दुर्ग में नन को गिरफ्तार कर बीजेपी पर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। बैज ने कहा कि बीजेपी छत्तीसगढ़ में सिर्फ ध्रुवीकरण की राजनीति करती आई है। धर्मांतरण बीजेपी के लिए चुनावी एजेंडा है। ये दुर्ग वाले मामले में स्पष्ट हो चुका है । इस मामले में केरल के भाजपा अध्यक्ष का बयान आया है कि न मानव तस्करी हुई है न धर्मांतरण हुआ।
केरल के प्रदेश महामंत्री सीएम और गृह मंत्री से आकर मिले हैं।बीजेपी पूरे मामले की लीपापोती करने की कोशिश कर रही है। इंडिया अलायन्स इस मामले में रिपोर्ट सौंपेगी? मामले की स्पष्ट जांच होनी चाहिए ।
इस मामले में केरल की भाजपा ने प्रदेश सरकार की गलत कार्यवाही को उजागर कर दिया ।नन की गिरफ्तारी के विरोध के मामले में बजरंग दल के प्रदर्शन की चेतावनी में कहा किभाजपा बजरंदल एक ही सिक्के के दो पहलू है , बजरंदल का वीडियो आ रहा है , वे आवश्यकता पडऩे पर हथियार उठाने की बात कह रहे है।मैं कहूंगा गृहमंत्री को एके 47 रख लेना चाहिए.. आखिर प्रदेश में लोकतंत्र है या नहीं..?कोई बात है तो सरकार को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए । केरल भाजपा नेताओं के बयान पर बैज ने कहा कि केरल और छत्तीसगढ़ भाजपा में विरोधाभास क्यों..?केरल के प्रदेश अध्यक्ष खुलेआम कह रहे.. कोई धर्मान्तरण नही, कोई मानव तस्करी नहीं..।
केरल भाजपा नेताओं के बयान पर सरकार क्या कह रही.. आखिर कौन गलत है ? छत्तीसगढ़ सरकार या केरल भाजपा के नेता।


