रायपुर

श्रम कल्याण मंडल ने अव्यावहारिक बताया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 जुलाई। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल ने सस्ते दर पर भोजन केन्द्रों को बंद करने का फैसला किया है। अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में संचालक मंडल ने
योजना को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि श्रम कानूनों के तहत इन भोजन केन्द्रों का संचालन नियोजकों को किया जाना है, किन्तु इसका संचालन श्रम कल्याण मंडल कर रहा है। जो व्यावहारिक नहीं, गैर कानूनी भी है। इसमें मंडल के कल्याणकारी योजनाओं का एक ब?ा हिस्सा भोजन मद में व्यय हो रहा है। जिससे कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में रूकावटें आ रही हैं। अत: मंडल ने इस संदर्भ में प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन से आग्रह किया है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ही उपयोगी है। श्रम कल्याण मंडल में इस योजना का संचालन करना अब संभव नहीं है। अत: इस योजना को बंद करने की अनुमति दी जाए।
बैठक में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के कार्यों का और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए न?ई योजना का अनुमोदन भी प्राप्त किया गया। संचालक मंडल ने बोर्ड के सुचारू रूप से संचालन के लिए 12 नए पदों की मंजूरी कर्मचारियों के वेतन वृद्धि , मंडल को प्राप्त होने वाली आय के अभिदाय दर में वृद्धि, मंडल में पंजीकृत मजदूर परिवार के बच्चों को रियायती दर पर कॉपी वितरण, नि:शुल्क कोचिंग सहायता योजना के का भी निर्णय लिया गया। अब मजदूरों को मंडल में सीधे पंजीयन देने की व्यवस्था की जाए, इस हेतु प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बैठक में मंडल के उपाध्यक्ष केशव बंटी हरमुख, अपर श्रमायुक्त सह प्रभारी श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, मंडल के सदस्य मंगलमूर्ति अग्रवाल, आलोक मिश्रा, हरप्रसाद साहू, मदन तालेजा, नरेश गडपाल, कृष्णा दुबे, सुरेश मसीह समेत मंडल कर्मचारी उपस्थित थे। मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पाण्डेय ने आभार प्रदर्शन किया ।