रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 जून। छत्तीसगढ़ चैप्टर ऑफ इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के तत्वावधान में पेट एवं लीवर रोगो पर दो दिवसीय कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। कल 28-29 जून को देश भर के प्रख्यात करीब 150 विशेषज्ञ पेट, लिवर एवं पैक्रियास की बीमारियों के शोध एवं नवीनतम गाइडलाइन्स पर व्यापक परिचर्चा करेंगे। इसमें समस्त छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, और नागपुर के फिजिशियन एवं सर्जन शिरकत करेंगे ।इस चिकित्सा शिक्षा में 2025 की बड़ी अपडेट से छत्तीसगढ़ अंबल के डॉक्टर्स को न केवल नवीनतम उपचार एवं नवीनतम तकनीक के बारे में पता चलेगा। साथ ही चिकित्सा पध्दति से भी अवगत करावाएगी।
इस सम्मलेन में पद्म विभूषण डॉ नागेश्वर रेडदी (हैदराबाद), डॉ नरेष भटट् (बेंगलुरु), डॉ पी. नागाराज राव (हैदराबाद), डॉ अमित मेदेव (मुंबई), डॉ मैथ्यू फिलिप (कोची), डॉ प्रमोद गर्ग (न्यू दिल्ली), डॉ सुब्रत के आचार्या (भुवनेश्वर), डॉ एस.के. मिश्रा (प्रयागराज), डॉ शोभना भाटिया (मुंबई), डॉ योगेश के चावला (चंडीगढ़) आ रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप पांडे, सचिव डॉ. मनोज लाहोटी ने बताया कि यह सम्मेलन युवा डॉक्टर एवं पी.जी. विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणा दायक होगा।
इस पुरे सम्मेलन के कुछ प्रमुख आकर्षणो में मोटापे के इलाज पर व्यापक चर्चा प्रश्नोतर काल मुख्य आकर्षण होगा।
पद्म विभूषण डॉ नागेश्वर रेडड़ी का लेक्चर इस बात पर आधारित है, कि आने वाले 2040 में गैस्ट्रोइंट्रोलाजी का क्या स्वरुप होगा, अत्याधुनिक उपचार एवं निदान का क्या स्वरुप होगा। यह सम्मेलन नवा रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस डेढ़ दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा पेट की जटिल बिमारियों पर पैनल चर्चा की जाएगी।


