रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 जून। अम्बेडकर अस्पताल चिकित्सालय के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की टीम ने एक 50 वर्षीय मरीज की बेहद जटिल और दुर्लभ बीमारी सिस्टिक लिम्फेंजियोमा ऑफ़ रेट्रोपेरिटोनियम की सफल सर्जरी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह ट्यूमर शरीर की प्रमुख रक्त वाहिनियों (मेजर आईवीसी और एओर्टा) से चिपका हुआ था, जिसे सावधानीपूर्वक अलग करते हुए पांच घंटे लंबा ऑपरेशन किया गया। इस सर्जरी में तीन ट्युमर निकले जिसमें सबसे बड़े ट्युमर का आकार था 25& 20 सेमी. था तथा बाकी दो अन्य ट्युमर इससे छोटे आकार के थे।
सिस्टिक लिम्फॅन्जिओमा ऑफ रेट्रोपेरिटोनियम एक दुर्लभ और सौम्य ट्यूमर होता है, जो लसीका वाहिनियों की असामान्य वृद्धि के कारण बनता है और यह पेट के पीछे की जगह में विकसित होता है। इसके विकसित होने के लक्षणों में पेट में सूजन या गांठ, पेट दर्द और पाचन समस्याएं शामिल हैं।
ऑन्कोसर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.(प्रो.) आशुतोष गुप्ता ने बताया कि यह सर्जरी बेहद जटिल थी क्योंकि ट्यूमर शरीर की कई मुख्य रक्त नलिकाओं से चिपका हुआ था। ऑपरेशन के दौरान इन सभी को धीरे-धीरे और सावधानी से अलग किया गया। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज को अगले ही दिन से सामान्य आहार शुरू करवा दिया गया। दो महीने के फॉलोअप में भी मरीज पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है और किसी तरह की कोई परेशानी नहीं दिखी।
डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, सिस्टिक लिम्फेंजियोमा ऑफ़ रेट्रोपेरिटोनियम एक बहुत ही दुर्लभ बेनाइन ट्यूमर है, जो शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम से विकसित होता है। इसके दोबारा होने और ऑपरेशन के बाद जटिलताएं बढऩे की संभावना अधिक होती है। अंतरराष्ट्रीय मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक दुनियाभर में इसके केवल 200 केस ही सामने आए हैं। सर्जरी करने वाली डॉक्टरों की टीम में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. रचना पांडे, डॉ. अविनाश बंजारा और डॉ. लावण्या शामिल रहे।


