रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जून। दूर दराज के ग्रामीण इलाकों के दुकानों ही नहीं राजधानी के दुकान में भी मिलावटी शराब बेचने का मामला सामने आया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिलावट पानी की गई या किसी अन्य पेय की। टिकरापारा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लालपुर शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान का मामला सामने आया है। दुकान के सेल्स इंचार्ज प्रदीप कुमार गुप्ता ने कल रात टिकरापारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार दुकान में काम करने वाले शेखर बंजारे, अविनाश बंजारे ओर 5 अन्य कर्मी के खिलाफ शराब में मिलावट कर बेचने का अपराध दर्ज कराया है । प्रदीप की रिपोर्ट पर पुलिस ने इन सभी के खिलाफ धारा 318- 4,316-5,3-5 का अपराध दर्ज किया। इस दुकान के सेल एकाउंट 17 लाख में से 12 लाख का शार्ट मिला था। मामले को लेकर टीआई टिकरापारा ने बताया कि इनमें से कुछ जेल में हैं तो कुछ फरार हैं।
यह भी बताया गया है कि राजधानी और सीमा से लगे गांवों के देशी शराब दुकानों में भी मिलावटी शराब धड़ल्ले से बिक रही है। यह विक्रय लंबे अरसे से जारी है। औसत डेली रेवेन्यू मिल जाने की वजह से आबकारी अमला आंखें बंद किए हुए है। बहुतायत दुकानों में पानी मिलाकर एक पौवा अद्धी को दो बनाकर बेचने की शिकायतें मिली हैं। खासकर 180एमएल की पैकिंग में अधिक की जा रही है। नियमित देशी शराब पीने वाले स्वाद से मिलावट को पकड़ रहें हैं। दुकान के मैनेजर सुपरवाइजर से शिकायत करने पर वे नजरअंदाज कर रहे हैं। इसमें उनकी मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता।
प्रदीप ने इसी दुकान में काम करने वाले चैतराम बंजारे के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी करने का मामला दर्ज कराया है। इसके मुताबिक चैत्रराम ही शेखर बंजारे था। वह फर्जी नाम से लालपुर शराब दूकान का सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहा था। आबकारी विभाग अब अनुबंधित प्लेसमेंट कंपनी की संलिप्तता की जांच कर रही है। इस मामले में तीन सेल्समैन को जेल भेजा गया है। 24 पर फर्जी स्कूली प्रमाण पत्र से नौकरी करने का भी मामला दर्ज कराया है।


