रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 जून। रजिस्ट्रेशन एवं नवीनीकरण शुल्क वृद्धि का चौतरफा विरोध झेल रहे छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार ने आज कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई है। समझा जा रहा है कि बैठक में वृद्धि वापसी पर निर्णय लिया जा सकता है। इस वृद्धि का न केवल सदस्य बल्कि जिला दवा विक्रेता संघों के द्वारा भी विरोध किया जा रहा है। आधा दर्जन जिलों से विरोध और वापस न होने पर हड़ताल करने की चेतावनी जारी की जा चुकी है। इसी तरह से जिला औषिधि विक्रेता संघ बिलासपुर के अध्यक्ष राकेश शर्मा, सचिव सच्चानंद तिर्थानी, अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. पंकज मशीह, महासचिव लव प्रकाश देवांगन ने भी वृद्धि का विरोध किया है। दोपहर 3 बजे तक यह बैठक शुरू नहीं हो पाई थी। अध्यक्ष अरूण मिश्रा, सदस्य निकेश देवांगन ने बैठक शुरू न होने की जानकारी दी है। देर शाम तक इस पर कोई निर्णय लेने पर सूचना दी जाएगी।
इस बढ़ोतरी के निर्णय बहुमत का दुरुपयोग करते हुए आमसभा में लिया गया था तो क्या अध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार पूर्व की भांति इस बार भी आम सभा के निर्णय नियम विरुद्ध जाकर कार्यकारिणी की बैठक में बदल देंगे? नियमित अध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार को आपातकालीन विशेष सम्मेलन बुलाकर जो शुल्क बढ़ाए गए हैं उसे पर चर्चा करके निर्णय को वापस लेना चाहिए लेकिन अध्यक्ष एवं रजिस्टर एवं कार्यकारिणी सदस्य इससे पहले भी कई बार आम सभा के निर्णय को कार्य करने में बदल देते हैं जो कि सर्वथा नियम के विरुद्ध है।इससे पहले भी अध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार ने माननीय उच्च न्यायालय के फैसले के विरुद्ध विशेष सम्मेलन बुलाया था और अपने मनमानी निर्णय लिए हैंअध्यक्ष, रजिस्ट्रार एवं कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा काउंसिल के बाकी सदस्यों का इसी तरीके से अपमान किया जाता है जब निर्णय केवल 6 ही लोगों को लेना है तो काउंसिल में बाकी लोगों की क्या जरूरत है।


