रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 अगस्त। प्रदेशभर के पांच हजार बिजली कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सामुहिक अवकाश पर चले गए हैं। इसके बाद वे 6 सितंबर से बेमुद्दत हड़ताल पर जाने की नोटिस दे चुके हैं। दूसरी ओर, श्रम न्यायालय रायपुर ने सामूहिक अवकाश सत्याग्रह को अवैध घोषित कर दिया है। श्रम न्यायालय ने आज 17 अगस्त को जारी आदेश में कहा है कि प्रस्तावित 18 अगस्त की हड़ताल से जनहित प्रभावित होने की आशंका होने के कारण अवैध घोषित किया जाता है। कर्मचारी-अधिकारी किसी भी हड़ताल सत्याग्रह में शामिल न हों।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री एके वर्मा ने बताया कि श्रम न्यायालय-1 के न्यायाधीश एसएल मात्रे के कोर्ट में फेडरेशन एवं 7 कर्मचारी संगठनों के 18 अगस्त को सामूहिक अवकाश हड़ताल पर स्थगन देने की अपील की गई थी।


