रायपुर

संस्कृति विभाग और पीएससी की मिलीभगत से पुन: घोटाले की तैयारी, आप की मांग साक्षात्कार निरस्त हो
16-Aug-2023 3:02 PM
संस्कृति विभाग और पीएससी की मिलीभगत से पुन: घोटाले की तैयारी, आप की मांग साक्षात्कार निरस्त हो

सारे पद बिना पदोन्नति के भरे जा रहे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 अगस्त।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग पूर्व में जितने भी भर्ती किए हैं, उसमें दाल में काला है तथा पूरे प्रदेश में उसका विरोध किया जा रहा है। अब आनन फानन में संस्कृति विभाग में 7 पर्दों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर लोक सेवा आयोग 17 अगस्त को साक्षात्कार आयोजित किया है। यह साक्षात्कार पदोन्नति नियम, आरक्षण नियम के विपरीत होने तथा स्पष्ट भ्रष्टाचार को इंगित करने वाला है। इसलिए इसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की गई है।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने बताया है की संस्कृति विभाग में पुरातत्व अधिकारी, पुरालेखवेत्ता, मुद्राशास्त्री, पुरावेत्ता एवं संग्रहाध्यक्ष के 7 पदों पर लोक सेवा आयोग साक्षात्कार हेतु विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती नियम में विभागीय कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए। यह पदोन्नति के पद हैं, जो सीधी भर्ती के योग्य नहीं है। पांच अलग-अलग विशेषज्ञ की भर्ती की जा रही है। जिनके कार्यशैली पृथक पृथक हैं। ऐसे 7 पर्दों के लिए वांछित योग्यता एवं कार्य अनुभव का भी विज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख नहीं है। सात पर्दों पर नियुक्ति पृथक पृथक की जाएगी या एक ही होगा इसका भी स्पष्ट कोई उल्लेख नहीं है। 5 वर्ष के अनुभव आवश्यक रखा गया है। जबकि संग्रहालय में अनुभव प्राप्त करना संभव ही नहीं है। क्योंकि ये कार्यालय में कार्य करते हैं। 

फील्ड का अनुभव हो ही नहीं सकता। सभी पदों के लिए पृथक पृथक अनुभव मांगे गए हैं। दस्तावेजों का परीक्षण पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन नहीं किया गया है और न ही दावा आपत्ति के लिए कोई निर्धारित समय दिया गया है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि आवेदन पत्रों का परीक्षण विषय विशेषज्ञ से न कराकर प्रमाण पत्र देने वाले विभागीय व्यक्तियों से कराया जा रहा है। इन सब गंभीर अनियमिताओं को इंगित करते हुए श्री झा ने कहा है कि 17 अगस्त को 7 पर्दों के लिए आयोजित साक्षात्कार तत्काल निरस्त किया जाए तथा विभागीय कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए। 

श्री झा ने इसकी शिकायत राज्यपाल, राजभवन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत तथा सचिव संस्कृति विभाग को लिखित में की है। इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया पर रोक न लगने पर  उच्च न्यायालय के शरण में भी जाने की चेतावनी दी है। इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से लोक सेवा आयोग और संस्कृति विभाग के मिली भगत से करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किए जाने की तैयारी है। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि यह भर्ती पर रोक नहीं लगेगा तो संस्कृत विभाग का घेराव किया जाएगा।


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