रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 अगस्त। अमृत मिशन के तहत हर घर शुद्ध पेय जल की व्यवस्था की जा रही है। इस मुहिम के तहत घरों में नए कनेक्शन लगाने और पुराने कनेक्शनबंद किए जा रहे हैं।
राजधानी के 70 वार्डों में कुछ एक जगहों पर ही काम पूरा हो पाया है। इसमें शहर के आधे से ज्यादा आबादी अभी भी योजना से वंचित है। जहां कनेक्शन हुआ वहां नलों से पानी की सप्लाई भी हो रही है। लेकिन वह भी मात्र एक घंटे या उससे कम जो बड़े परिवार के लिए मुसीबत का सबब् बन गई है। एक घंटे सुबह और शाम को मिलने वाली इस योजना से शहर के कई इलाकों में जल संकट गहराने लगा है। इससे निपटने लोग रोजमर्ररा के घरेलू काम के लिए लोग मोहल्ले , गली में लगे पूराने हेण्ड पंपों से पानी भरने को मजबूर हो गए है। ऐसा ही नजारा शहर के कुशालपुर, पुरानी बस्ती , लाखेनगर, टिकरापारा, डीडी नगर, रमण मंदिर, फाफाडीह, आमापारा और अन्य इलाकों में देखने को मिल रहा है। ऐसे में लोग सुबह-शाम मिलने वाले पानी से संतुष्ट नहीं है।
कहा जा रहा है कि प्रशासन योजनाओं को पूरा करने में आनन फानन में काम कर रही है। कही नलों में पानी सप्लाई नहीं हो रही है तो कही पुराने नलो को बंद करने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मौसम में भी सूखे जैसे हालत से गुजरना पड़ रहा है।
ये कैसी योजना
गृहणियों का कहना है कि सरकार की ये कैसी योजना है। जिससे अब पानी की समस्या से जूंझना पड़ रहा है। एक घंटे के लिए नल में पानी आता है। जो एक परिवार के लिए पूरा नहीं हो पाता, ऐसे में रोजमर्रा के कामों के लिए नलकूपों से पानी भरना पड़ रहा है।
हेण्ड पंप का गंदा पानी पी रहे लोग
शहर में इतने वर्षो में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है। बारिश के दिनों में पानी की किल्लत हो रही है। एैसा सिर्फ गर्मियों में ही देखा जाता था। 5-7 लोगों के परिवार में लिए अमृत जल मिशन का पानी पर्याप्त नहीं। घंटेभर चलने वाले नल से पानी की किल्लत बढ़ गई है। अब तो पुराने हेण्डपंप का गंदा पानी पीने और घरेलू उपयोग करना पड़ रहा है। निगम प्रशासन इन हेण्डपंप की साफ-सफाई और मरम्मत भी नहीं करवा पाती है।


