रायपुर

आज वट सावित्री और शनि जयंती भी
19-May-2023 2:52 PM
आज वट सावित्री और शनि जयंती भी

वट वृक्ष को पूजा,बांधा रक्षा सूत्र, मांगी पति की लंबी उम्र, शनि देव भी पूजे गए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 मई।
राजधानी में शुक्रवार को सुहागिनों ने वट सावित्री की पूजा कर पति के लम्बी उम्र की कामना की। वहीं शनि मंदिरों में न्यया के देवता कि पूजा आराधना की गई। शहर में जगह-जगह भंण्डारे का भी आयोजन किया गया। 

हिंदू पंचांग के अनुसार, वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मई यानी कल रात 9 बजकर 42 मिनट पर हो चुकी है। और इसका समापन 19 मई की रात 9 बजकर 22 मिनट पर होगा। वट सावित्री की पूजा वट (बरगद)वृक्ष के नीचे की जाती है। वट सावित्री व्रत की पूजा में एक वट वृक्ष, बरगद का फल, सावित्री और सत्यवान की मूर्ति या तस्वीर, भिगा हुआ काला चना, कलावा, सफेद कच्चा सूत, रक्षासूत्र, बांस का पंखा, सवा मीटर का कपड़ा, लाल और पीले फूल, मिठाई, बताशा, फल, धूप, दीपक, अगरबत्ती, मिट्टी का दीया, सिंदूर, अक्षत, रोली, सवा मीटर का कपड़ा, पान का पत्ता, सुपारी, नारियल, श्रृंगार सामग्री, जल कलश, पूजा की थाली, वट रख कर वट वृक्ष की पूजा करती है।

जगन्नाथ मंदिर के पूजारी मुकेश शर्मा ने बताया कि इस बार वट सावित्री व्रत पर शोभन योग से शुरू हुआ है। यह शोभन योग 18 मई को शाम 7 बजकर 37 मिनट शुरू हुआ। जो 19 मई यानी आज शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। वहीं, वट सावित्री अमावस्या के दिन चंद्रमा गुरु के साथ मेष राशि में विराजमान होंगे, इससे गजकेसरी योग का निर्माण होगा।

शनि जयंती तिथि और पूजा मुहूर्त 

ज्येष्ठ अमावस्या तिथि-18 मई को शाम 9 बजकर 43 मिनट से शुरू होगा। जो 19 मई को रात 09 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। उदय तिथि के आधार पर 19 मई को शनि जयंती का उत्सव मनाया जाएगा। इस दिन शनिदेव की पूजा और दान करना बहुत शुभ रहेगा।
 


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