रायपुर
एजाज ढेबर ने स्वयं खुलासा कर कहा- होगी एफआईआर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 मई। राजधानी करोड़ों के होर्डिंग घोटाले की खुलासा स्वयं महापौर एजाज ढेबर ने किया। ढेबर के मुताबिक निगम के अफसरों ने एड एजेंसियों से पैसे लेकर जहां मन में आया वहां पोल लगवाकर होर्डिंग लगवा दी। महापौर को अंधेरे में रख मातहत अफसरों ने हजार - लाखों का नहीं 27 करोड़ का घपला किया है। इसकी खबर लगते ही महापौर एजाज ढेबर ने कहा है कि होर्डिंग घोटाला करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी, एफआईआर करवाएंगे । तिराहे पर बने रोटेटरी को तोडऩे के आदेश दिया गया है।महापौर एजाज ढेबर ने कल शाम बकायदा पत्रकार वार्ता लेकर बताया कि मेरी जानकारी के बगैर अधिकारियों ने होर्डिंग के टेंडर का काम दे दिया। मनमानी ढंग से रेट दिए गए।
उन्होंने कहा- मैंने जांच में पाया है कि जो अभी होर्डिंग्स लगी हैं उनमें अनियमितता है। जिसे मन चाहा टेंडर दिया गया है। 15 गुणा 9 की साइज को मनमानी ढंग से 18 गुणा 18 किया गया। रेट जो लगने थे नहीं लगे। एमआईसी में रेट फाइनल करने का प्रस्ताव आना चाहिए था, नहीं आया। शहर में बेतरतीब होर्डिंग, युनिपोल लग गए वो होर्डिंग अवैध है।
इसकी जांच के लिए एमआईसी ने 7 लोगों की समिति बनाई है। मैं भी समिति मे हूं, मेरे आंकलन के मुताबिक करीब 27 करोड़ का घोटाला हुआ है। महापौर होने के नाते मैं चाहता हूं कि निगम का राजस्व बढ़े, मगर ऐसी बढा़ेतरी नहीं चाहिए, अफसरों ने एड एजेंसियों के मुताबिक काम कर दिया है। जो भी अधिकारी इसमें शामिल होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
इतना ही नहीं, आक्सीजोन के ठीक सामने माता सुंदरी स्कूल के सामने तिराहे पर एक ठेकेदार से रोटेटरी बनवा दिया। इसकी जानकारी न पार्षद को है, न कलेक्टर को न विधायक को न ही खुद महापौर को है। इसका खुलासा करती हुई खबर दैनिक छत्तीसगढ़ ने गुरूवार को प्रकाशित किया था । इसे लेकर महापौर ने कहा कि इसे किसने बनाया और काम कौन कर रहा है इसकी किसी को जानकारी नहीं है। उसकी तलाश की जा रही है। इसमें भी अधिकारियों की मिलीभगत होगी। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।


