रायपुर
कांग्रेस का समर्थन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 11 फरवरी। मजदूरों की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल गुरुवार को होगी। यह हड़ताल केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के विरोध में आयोजित की जा रही है। हड़ताल को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है।
ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच की ओर से जारी विज्ञप्ति में संयोजक धर्मराज महापात्र ने कहा कि यह हड़ताल एक बेहद नाजुक स्थिति में हो रही है, जब केंद्र सरकार ने ट्रेड यूनियनों को नियंत्रित और कमजोर करने तथा पूंजी के हमले के सामने भारतीय श्रमिक वर्ग आंदोलन को निहत्था करने के लिए चार श्रम संहिताएं और उसके बाद के नियम अधिसूचित किए हैं।
प्रमुख मांग - चार श्रम संहिताओं और नियमों को निरस्त करने, बीज विधेयक और विद्युत संशोधन विधेयक का मसौदा वापस लेने, भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन और विकास (शांति) अधिनियम को वापस लेने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा मनरेगा का कानून बहाल करने, बीमा कंपनियों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के फैसले को वापस लें, विकसित भारत शिक्षा बिल 2025 वापस ले, सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के रिक्त पदों को भरें, आंगनवाड़ी, आशा और मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को नियमित करके उन्हें सरकारी कर्मचारी बनाएं, एनएचएम डॉक्टरों और नर्सों को स्थायी करने की मांग की गई है।
कांग्रेस का समर्थन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 11 फरवरी को एक पत्र जारी किया है जिसमें 12 फरवरी को देश भर में हड़ताल (भारत बंद) के साथ एकजुटता दिखाने का आह्वान किया गया है। यह हड़ताल भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के लेबर सुधारों और आर्थिक नीतियों के विरोध में घोषित की गई है, जिसे मजदूरों और किसानों के हितों के खिलाफ माना जा रहा है।
कांग्रेस ने अपने सभी जिला/शहर कांग्रेस कमेटियों से कहा कि वे 12 फरवरी को देश भर में हड़ताल के साथ पूरी एकजुटता दिखाएं और मजदूरों एवं किसानों के लोकतांत्रिक आंदोलन में उनके साथ मजबूती से खड़े हों।


