रायपुर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 11 फरवरी। दहेज प्रताड़ना मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश राय की अदालत ने पति मदनलाल देवांगन और उसकी भाभी श्रीमती पिंकी देवांगन को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 200-200 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
सरकारी वकील लखन देवांगन ने बताया कि मृतिका दिनेश्वरी देवांगन का विवाह साल 2019 में मदनलाल देवांगन से हुआ था। 24 जुलाई 2024 को ग्राम सिर्री स्थित ससुराल में उसने मिट्टी तेल और जहर खा लिया था। जिसे आननफानन में इलाज के लिए खरोरा अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने मौत होना बताया।
मृतिका के परिजनों ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही उसे दहेज कम लाने की बात को लेकर पति और जेठानी शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। घटना के बाद खरोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। आरोपियों के खिलाफ अपराध दर कर अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों का परीक्षण कराया गया। साक्ष्यों के आधार पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करना और आत्महत्या के लिए प्रेरित करना पाया गया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य विश्वसनीय एवं संगत हैं और प्रतिपरीक्षण में कोई ऐसा महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने नहीं आया जिससे आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जा सके। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाए जाने पर 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।


