रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 7 अगस्त। व्यवसायिक हित के लिये ऑक्सी मीटर का ऑनलाईन ऑर्डर देने व राशि का भुगतान करने के बावजूद इंडिया मार्ट इंटर मेस लिमिटेड नोयडा उत्तर प्रदेश तथा उसके डीलर द्वारा निर्धारित संख्या में ऑक्सी मीटर की डिलीवरी नहीं देने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इंडिया मार्ट कंपनी और उसके डीलर को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए क्षतिपूर्ति भुगतान के रूप में 80 हजार रूपये तथा मानसिक क्षति व वाद व्यय के रूप में 15 हजार रूपये का जुर्माना भरने का आदेश पारित किया है।
मामला इस प्रकार है कि आवेदक अद्वितीय भूषण गोस्वामी निवासी मधुबनपारा ने अनावेदक प्रभारी अधिकारी इंडिया मार्ट ईन्टर मेस लिमिटेड नोयडा का ऑनलाईन शॉपिंग है जिसके मार्फत कंपनी का एप मोबाईल में डाउनलोड किये जाने के बाद इंडिया मार्ट ईन्टर मेस लिमिटेड के एप से संबंधित उपभोक्ताओं को सामान इलेक्ट्रानिक उपकरण, मेडिकल उपकरण, मकान निर्माण से संबंधित उपकरण, ऑटो मोबाईल से संबंधित उपकरण बाबत सीधे डीलर के संबंध में जानकारी दी जाती है तथा एप में पंजीकृत विभिन्न सामानों का डीलर से संपर्क नंबर तथा अन्य जानकारियां दर्शित की जाती है। इंडिया मार्ट ईन्टर मेस लिमिटेड में जो भी संबंधित सामानों का डीलर का पंजीयन होता है उक्त संबंध में कंपनी उपभोक्ताओं को आश्वस्त करती है कि एप में पंजीकृत डीलर की समस्त जवाबदारी कंपनी की होती है।
अनावेदकगण से श्री गोस्वामी ने 80 हजार एवं क्षतिपूर्ति दिलाये जाने का निवेदन किया और उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग रायगढ़ में परिवाद प्रस्तुत किया। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल तथा सदस्य द्वय राजश्री अग्रवाल व राजेन्द्र पांडेय ने दोनों पक्षों की सुनवाई पश्चात इंडिया मार्ट कंपनी और उसके डीलर पुरूषोत्तम उर्फ राजीव को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में इंडिया मार्ट इंटर मेंस लिमिटेड नोयडा उत्तरप्रदेश को 45 दिवस के भीतर 80 हजार का भुगतान करने, वाद प्रस्तुत करने की तिथि से अदायगी तिथि तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करने तथा अनावेदक क्रमांक 02 डीलर पुरूषोत्तम उर्फ राजीव को मानसिक क्षति के रूप में दस हजार रूपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रूपये का 45 दिवस के भीतर भुगतान करने का आदेश पारित किया है।


