रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 6 अगस्त। जिला अस्पताल फिर एक बार सुर्खियों में हैं। दरअसल कांग्रेस आईटी सेल के वसीम खान ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट की है जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी मां की आंख में समस्या थी और उनका इलाज डॉ. मीना पटेल कर रही थी लेकिन जैसे ही एक बजा उन्होंने इलाज ही बंद कर दिया और कहा, अब शाम को आना। इस आरोप पर अस्पताल के सिविल सर्जन दिनेश पटेल ने कहा कि बात इलाज की नहीं जांच की थी उन्होंने रिपोर्ट शाम को लाने की बात कही थी, इलाज बीच में नहीं छोड़ा।
इस मामले को सोशल मीडिया में लिखते हुए वसीम खान ने बताया कि बात दरअसल यह है कि सरल भाषा में डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है, मैं अपनी माता को डॉक्टर मीना पटेल के पास चेकअप के लिए ले गया जहां पर चेक करते-करते 1 बज गया मैडम ने ट्रीटमेंट को बंद कर दिया और बोलने लगी मेरा समय हो गया अब मैं शाम में देखूंगी। मैंने मैडम से रिक्वेस्ट किया मैडम बुजुर्ग महिला है आप ट्रीटमेंट पूरा कर दीजिए वह कहने लगी 1 बजे तक ही मैं देखती हूं अब मैं नहीं देख सकती और और उठ गई। मैंने उनसे रिक्वेस्ट भी किया मैडम धूप बहुत तेज है ज्यादा टाइम नहीं लगेगा उसके बाद भी वह न मानी और चले गई जबकि खरसिया से भी दो-तीन लोग आए हुए थे वह लोग भी बोले कि मैडम इनको देख लीजिए हम लोग कल दिखा देंगे फिर भी न मानी मैडम। फिर मैं सीएमएचओ साहब से बात की वह बोले मैं सिविल सर्जन डॉक्टर दिनेश पटेल को बोल दिया हूं मैं दिनेश पटेल को फोन किया तो वह कहने लगे 1 बज गया है इसीलिए मैडम लोग चले गए तो मैंने कहा सर क्या कोई अधूरा ट्रीटमेंट करता है तो वह कहने लगे वह 1 बजे तक रहते हैं तो मैंने कहा सर कोई अगर जांच कर रहा है अगर एक बज गया है तो वह क्या जांच को अपनी बंद कर देगा तो वह कहने लगे हां और आप दूसरे को दिखा दीजिए मैंने कहा सर एक डॉक्टर को दिखाने के बाद दूसरे को दिखाऊंगा तो कैसे समझ में आएगा मैंने उनसे रिक्वेस्ट किया तो वह मुझे बोलने लगे की आपको जो करना है आप कर लीजिए।
इस मामले पर हमने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ दिनेश पटेल से बात की तो उन्होंने बताया कि इलाज बीच में नहीं छोड़ा गया है बल्कि कुछ जांच रिपोर्ट आना बाकी था इसके लिए उन्हें शाम को रिपोर्ट के साथ आने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें यह भी कहा गया कि ज्यादा दिक्कत हो तो कैजुअलिटी में चले जाएं पर वे नहीं गए।


