रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 22 मई। मांड नदी पुल के ब्रेकर में बाइक अचानक ऐसी उछली कि बेकाबू वाहन से गिरने से राजमिस्त्री की जिंदगी खत्म हो गई। वहीं, हादसे के बाद मृतक का साथी भाग निकला। यह घटना शहर के कोतरा रोड थाना क्षेत्र की है। पुलिस जांच में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक समीपस्थ ग्राम गेजामुड़ा में बीते मंगलवार देर रात लगभग साढ़े 11 बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब मांड नदी पुल में एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में अधमरे हालत में असहाय पड़ा मिला। चूंकि, युवक के सिर में गंभीर चोट और बाएं हाथ की हड्डी फ्रैक्चर होने के अलावे वह बुरी तरह जख्मी था इसलिए जागरूक ग्रामीणों ने इसकी सूचना नजदीकी कोतरा रोड थाने में दी। वहीं, रात्रिकालीन गश्त पर निकली पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी के घटना स्थल पहुंचने पर जख्मी युवक को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे तो घंटेभर प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी सांसों की लडिय़ां टूटकर बिखर गई।
मृतक की शिनाख्त समीपवर्ती सक्ती जिले के अड़भार निवासी कृष्णा उरांव पिता ननकू राम उरांव (35 वर्ष) के रूप में हुई जो राजमिस्त्री का काम करते हुए अपनी बीवी और 3 मासूम बच्चों के साथ रायगढ़ के बोईरदादर में रहता था। मृतक के परिजनों ने बताया कि कृष्णा गत 20 मई को अड़भार गया था और रात को ग्राम सिंघीतराई के परिचित नान्हू के साथ मोटर सायकिल से रायगढ़ वापसी के लिए निकला था। मांड नदी पुल के ब्रेकर में उनकी दुपहिया वाहन का पहिया इस कदर उछला कि गिरने से कृष्णा की जान ही चली गई। वहीं, दुर्घटना के बाद नान्हू डर के मारे भाग निकला है। बहरहाल, मर्ग कायम करने वाली पुलिस अब हादसे की असलियत जानने के लिए लापता नान्हू की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इसी तरह बेलगाम रफ्तार के कहर ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरसींवा थाना अंतर्गत ग्राम विनोदा निवासी शिवकुमार सोनी पिता सहस राम (40 वर्ष) की भी जीवनलीला समाप्त कर दी। बताया जाता है कि राजमिस्त्री का काम करने वाला शिवकुमार बीते 16 मई को पैदल घूमने निकला था। इस दौरान अज्ञात वाहन ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। गंभीर रूप से घायल शिवकुमार को रायगढ़ रेफर करने पर अपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। फिर भी सघन इलाज के बावजूद उसने 20 मई को दुनिया को अलविदा कह दिया। जिला चिकित्सालय में पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम करवाया।


