रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 14 मई। रायगढ़ जिले में मंगलवार की दोपहर नदी में मरा हुआ हाथी का बच्चा मिलने से पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बच्चे का शव बाहर निकालकर दफनाने के बाद आगे की कार्रवाई में जुट गई। उक्त मामला घरघोड़ा रेंज का है।
मिली जानकारी के मुताबिक, इन दिनों रायगढ़ जिले के जंगलों में कुल 206 हाथी अलग-अलग जंगलों में विचरण कर रहे हैं। जिसके तहत घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1271 में भी 43 हाथी की विचरण कर रहे थे। बताया जा रहा है कि बीती रात हाथियों का यह दल कुरकुट नदी में नहाने पहुंचा था, इस दौरान यह नन्हा शावक पानी से बाहर नही आ सका और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
कल दोपहर गांव के ग्रामीणों ने नदी में हाथी का बच्चा मरा हुआ देखकर वन विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। जिसके बाद वन विभाग की टीम दल बल के साथ मौके पर पहुंची। जिसके बाद शव को बाहर निकालकर दफनाया गया। घरघोड़ा रेंजर चंद्रकुमार राठिया ने बताया कि मृत हाथी शावक की उम्र तकरीबन 3 माह के आसपास है। कटंगडीह-छर्राटांगर क्षेत्र के जंगल में अभी हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वन विभाग की टीम हाथियों के इस दल पर निगरानी बनाए हुए हैं।
8 माह में 9 हाथी की मौत
24 अक्टूबर को तमनार परिक्षेत्र के चुहकीकार में करंट से तीन हाथियों की मौत, 17 नवंबर 2024 को बोरो रेंज में हाथी शावक का कंकाल मिला। 21 नवंबर 2024 को छाल रेंज के हाटी तालाब में हाथी शावक का शव मिला। 31 दिसंबर 2024 को पानीखेता दलदल में हाथी शावक का शव मिला। 22 जनवरी को घरघोडा रेंज के पानीखेता दलदल में हाथी शावक का शव मिला। 31 जनवरी को छाल रेंज में घायल हाथी की मौत। 18 मार्च को छाल रेंज के कीदा बीट के जामपाली तालाब में हाथी शावक का शव मिला।


