रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़ , 5 अप्रैल। अपै्रल माह में गर्मी बढऩे के साथ-साथ प्यास से व्याकुल होकर वन्य प्राणी भी जंगल से भटककर गांव की ओर रूख करने लगे हैं। इसी वजह से कई वन्यप्राणियों की जान भी संकट में आती रही है। इसी क्रम में आज एक चीतल जंगल से भटककर गांव के भीतर पहुंच गया और एक किसान की बाड़ी में घुस गया। जिसे स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा सुचना मिलने पर वन्य अमले ने रेस्क्यू करके सुरक्षित जंगल में छोड दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह एक चीतल छाल वन परिक्षेत्र के बोजिया के जंगल से निकलकर एक भटकते हुए गांव के करीब तक पहुंच गया। इसके बाद यहां रहने वाले संतोष यादव के कोठा बाड़ी होते हुए चीतल उसके घर में घुस गया। कुछ देर बाद जब घर के लोगों ने चीतल को देखा, तो वे पहले तो घबरा गए, लेकिन बाद में इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को देते हुए वन अमला को सूचना दी। इसके बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे और चीतल का रेस्क्यू किया। ताकि वह सुरक्षित ढंग से बाहर निकल सके। ऐसे में ग्रामीणों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद चीतल का रेस्क्यू किया गया। जहां उसे 515 आरएफ के जंगल में ले जाया गया और सुरक्षित ढंग से उसे छोड़ा गया।
30 मार्च की रात को बाकरूमा रेंज जामबीरा बीट में एक हाथी का शावक गड्ढे में गिरकर चट्टनों के बीच फंस गया था। यहां से निकल नहीं पा रहा था। जिसका करीब एक घंटे में धरमजयगढ़ वनकर्मियों ने रेक्स्यू किया और उसे सुरक्षित जंगल से निकलकर उसकी मां व झुंड से मिलाया था। ऐसे में हाथी शावक के बाद अब चीतल को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया है।


