महासमुन्द

आरक्षक की बाइक से 9 लाख का गांजा बरामद
08-Mar-2026 3:58 PM
आरक्षक की बाइक से 9 लाख का गांजा बरामद

पुलिस आरक्षक ओडिशा से गांजा लाकर तस्करी करता था, फरार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 8 मार्च।
गांजा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाने वाली पुलिस उस वक्त सन्न रह गई, जब गांजा तस्करी के एक बड़े मामले के तार खुद विभाग के एक जवान से जुड़े से मिले। इसमें बसना थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष शर्मा मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। सांकरा पुलिस की कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ, जिसके बाद से ही आरक्षक फरार है। वहीं उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक 3 मार्च को सांकरा पुलिस ने सूचना के आधार पर बरगढ़ (ओडिशा) निवासी टीटू उर्फ सोलन दास को एक स्कूटी के साथ घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 4.87 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो टीटू ने विभाग की छवि धूमिल करने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि यह गांजा उसे आरक्षक पीयूष शर्मा और उसके साथी धर्मेंद्र सोनी ने उपलब्ध कराया था।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर कुल 18 किलो 47 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 9 लाख रुपए है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त आरक्षक की रॉयल इनफील्ड बुलेट कीमत 1 लाख, एक बिना नंबर की स्कूटी और 3 मोबाइल फोन सहित कुल 11.05 लाख रुपए शामिल है। गौरतलब है कि महासमुंद में पुलिसकर्मियों के ऐसे अपराध में संलिप्त होने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी गांजा ताकरी करते पकड़े गए एक आरक्षक को बर्खास्त किया गया, जो अभी जेल में है। इसके अलावा 2 अन्य आरक्षकों को भी ऐसे ही केस में सस्पेंड किया जा चुका है।
महासमुंद एसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा इस मामले में आरक्षक सहित तीन के खिलाफ कार्रवाई जारी है। दो को जेल भेजा जा चुका है और फरार आरक्षक पीयूष शमां पीयूष शर्मा की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें रवाना हुई।

तस्करी में जिले के ये पुलिसवाले भी रहे संलिप्त
केस-1- 20 किलो गांजा 5 सितंबर को 20 किलो गांजा के साथ पकड़े गए भीखम चंद्रवंशी को 60 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया गया था। इस मामले में तत्कालीन एसपी ने 4 आरक्षकों को निलंबित किया था, लेकिन विभागीय जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसमें आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कवर्धा जिले के दशरंगपुर चौकी में 500-500 नोट के बंडल के साथ पकड़ाया था, जिसमें उसने पटेवा थाने में 4 जवानों को 60 हजार रुपए देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की थी, जिसे दशरंगपुर पुलिस ने पकड़ लिया था।

सूचना तंत्र का आरक्षक पीयूष न केवल तस्करी में शामिल था, बल्कि पुलिस की रेड और चेकिंग की सूचनाएं भी तस्करों तक पहुंचाता था ताकि वे पकड़े न जाएं। मामला उजागर होते ही आरक्षक पीयूष फरार हो गया। पकड़े जाने के डर से दुरुपयोग, साक्ष्य उसने अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम अकाउंट से सभी तस्वीरें डिलीट कर दी है। बताया जा रहा है कि यह पहले शिवरीनारायण पुलिस ने गांजा तस्करी करते महासमुंद पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक चंद्रशेखर साहू (37) को गिरफ्तार किया था। आरोपी एक नाबालिग के साथ कार में गांजा डिलीवरी करने गया था, जिसे 5 जनवरी को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान एक थैले से 15 पैकेट निकले। इसमें करीब 16 किलो गांजा था, जिसकी कीमत 7.85 लाख रुपए बताई गई।
 पुलिस ने मौके से आरोपी आरक्षक चंद्रशेखर साहू, निवासी सलखंड, थाना बसना, जिला महासमुंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, उसके साथ मौजूद विधि से संघर्षरत एक बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया।


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