महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 14 जनवरी। उद्योग क्षेत्र में नवाचार के लिए मुख्यमंत्री के हाथों राज्य युवा रत्न सम्मान प्राप्त कर महासमुंद लौटीं मृणाल विदानी से मिलने वालों का सिलसिला जारी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला शिक्षा अधिकारी लहरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों और नागरिकों ने उनसे मुलाकात कर बधाई दी।
सांसद रूप कुमारी चौधरी ने भी फोन पर मृणाल विदानी और उनकी मां से बातचीत कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान जिले और प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मृणाल के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 12 जनवरी को रायपुर स्थित कन्वेंशन हॉल, सर्किट हाउस में युवा रत्न सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवाओं और संगठनों को सम्मानित किया गया। विभाग के अनुसार, युवा रत्न सम्मान योजना का उद्देश्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और स्वैच्छिक संगठनों को सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में कार्य के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, विभाग के सचिव यशवंत कुमार, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मृणाल विदानी वर्तमान में विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर में फोरेंसिक साइंस (डीएनए विषय) में मास्टर्स अंतिम सेमेस्टर की छात्रा हैं। उनके अनुसार उन्हें छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक कोसा से फोरेंसिक ब्रश बनाने, चेंच भाजी से फोरेंसिक पाउडर तथा गोबर खरसी की राख से फोरेंसिक पाउडर तैयार करने के लिए भारत सरकार से कॉपीराइट प्राप्त हुआ है।
विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय फोरेंसिक कार्यक्रमों में उनके शोध कार्यों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मान मिला है। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च कॉन्क्लेव में उन्हें बेस्ट प्रोडक्ट डिस्प्ले के लिए पुरस्कार दिया गया।
मृणाल विदानी अंतरराष्ट्रीय फोरेंसिक साइंटिस्ट मीट कार्यक्रमों के संचालन से भी जुड़ी रही हैं और उनके शोध पत्र विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत किए गए हैं।
मृणाल विदानी ने कक्षा पहली से बारहवीं तक की शिक्षा वेडनर मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महासमुंद से प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में अभी और शोध की आवश्यकता है, जिससे न्यायालयीन प्रक्रिया में सहयोग मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से फेशियल रिकंस्ट्रक्शन की आवश्यकता पर ध्यान दिलाया।


