महासमुन्द
वार्षिक सम्मेलन में विधायक ने परसदा में सामाजिक भवन के लिए की 10 लाख की घोषणा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा , 16 दिसंबर। छत्तीसगढ़ कलार समाज पिथौरा का वार्षिक सममेलन खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में कलार समाज के जिलाध्यक्ष नीरज गजेंद्र भी उपस्थित थे।
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि कलार समाज अपनी काबिलियत, संगठन शक्ति और दूरदर्शिता के दम पर निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर है। शिक्षा और संस्कार को आधार बनाते हुए समाज ने स्वरोजगार और सामाजिक सहभागिता की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। परिक्षेत्र के परसदा (बुंदेली) में आयोजित इस सम्मेलन में विधायक यादव ने सामाजिक भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कलार समाज ने क्षेत्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। जो पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। कलार समाज के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज गजेंद्र ने कहा कि कोई भी समाज केवल संख्याबल के आधार पर सत्ता या प्रभाव हासिल नहीं कर सकता। इसके लिए आवश्यक है कि व्यक्ति स्वयं को योग्य बनाए। कलार समाज का गौरवशाली इतिहास इस बात का प्रमाण है कि उसने बिना भेदभाव के साढ़े पांच सौ वर्षों से अधिक समय तक सत्ता और नेतृत्व में अपनी भूमिका निभाई है।
समाज के जिला संरक्षक ईश्वर सिन्हा ने कहा कि समाज की मजबूती की नींव परिवार से शुरू होती है। जब तक व्यक्ति स्वयं सक्षम नहीं होगा, तब तक समाज को सशक्त बनाने का संकल्प अधूरा रहेगा।
वहीं साहू समाज के परिक्षेत्र अध्यक्ष मनोहर साहू ने कलार समाज की संगठन क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे दिग्गज और प्रतिभाशाली लोग हैं, जिनका मार्गदर्शन क्षेत्र और राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण रहा है। कौडिया परिक्षेत्र के मंडलेश्वर पुनीत सिन्हा ने सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा-सामाजिक उत्थान के लिए आपसी एकजुटता पहली आवश्यकता है। समाज अपनी संस्कृति विरासत के साथ अच्छी सोच और भावना प्रदर्शन करते हुए सामाजिक एकजुटता का पालन करें । सिन्हा ने समाज का कोई भी सदस्य यदि प्रशासनिक पद पर नियुक्त होता है तो उसे व्यक्तिगत रूप से 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। महिला मंच की प्रदेश अध्यक्ष प्रमीला सिन्हा ने आश्वस्त किया कि समाज के चहुंमुखी विकास में महिला मंच के माध्यम से सामाजिक महिलाओं का बढ़-चढक़र सहयोग प्राप्त होगा।
संरक्षक प्रेम लाल सिन्हा ने कौडिय़ा परिक्षेत्र की सक्रियता और अल्प कार्यकाल में किये गए कार्यो की सराहना करते हुए मंडलेश्वर द्वारा किये जाने वाले कार्यों को अन्य इकाइयों के लिए अनुकरणीय बताया। वार्षिक आय एवं व्यय राशि की जानकारी सचिव पोला राम डड़सेना ने दी।
कार्यक्रम को प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम सिन्हा, आमंत्रित अतिथि बुद्धेश्वर डड़सेना , मंडलेश्वर प्रेमशंकर सिन्हा, दानेश्वर सिन्हा, शिव प्रसाद सिन्हा, लखन लाल सिन्हा ,राधेलाल डड़सेना , मन्नु सिन्हा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। महज 13 वर्ष की उम्र में जूडो-कराटे नेशनल कप जीतने वाले सृजल डड़सेना सहित अमन सिन्हा, कोमल सिन्हा, जयंत सिन्हा, रुचि महेन्द्र और दिव्या सिन्हा को शॉल, श्रीफल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न गांवों के वरिष्ठ कृषकों का भी सम्मान कर उनके योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सिन्हा, जनपद सदस्य हेमलता साहू, सरपंच दिनेश्वरी ठाकुर , जिला सचिव परमेश्वर डड़सेना , श्रीमती मितिलेश डड़सेना ,पीताम्बर डड़सेना, मनोज सिन्हा , माखन डड़सेना ,लालाराम डड़सेना ,टेकलाल डड़सेना , भुखन सिन्हा ,गोकुल सिन्हा राजेश सिन्हा , केवल सिन्हा , सहित समाज के अनेक पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन अधिवक्ता लोकनाथ डड़सेना ने किया तथा आभार प्रदर्शन भुनेश्वरी सिन्हा ने किया। सम्मेलन को सफल बनाने में समाज के पदाधिकारियों और ग्राम परसदा के सामाजिक जनों का विशेष योगदान रहा।
प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान
सम्मेलन के दौरान समाज की उभरती प्रतिभाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। महज 13 वर्ष की आयु में जूडो-कराटे में नेशनल कप जीतकर जिले और समाज का नाम रोशन करने वाले सृजल डड़सेना को विशेष सराहना मिली। इसके साथ ही शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अमन सिन्हा, कोमल सिन्हा, जयंत सिन्हा, रुचि महेन्द्र एवं दिव्या सिन्हा को शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ कृषकों का सम्मान
कार्यक्रम में समाज की कृषि परंपरा और अन्नदाता के सम्मान को रेखांकित करते हुए वरिष्ठ कृषकों का अभिनंदन किया गया। परसदा, बुंदेली, नवागांव कला, छुइहा, पिथौरा, फिरगी, बाल्दीड़ीह, सरकड़ा, रिकोकला, गोपालपुर, अमलीडीह, भीतिडीह, लाखागढ़ एवं छतवन सहित विभिन्न ग्रामों से आए अनुभवी कृषक रविराम सिन्हा, सादराम सिन्हा, मंशाराम सिन्हा, विश्वनाथ सिन्हा, लखन डड़सेना, रामकुमार डड़सेना, मेघनाथ डड़सेना, मालिक डड़सेना, चुनु डड़सेना, पुराइन डड़सेना, सरोज डड़सेना, बलराम सिन्हा, मोरध्वज सिन्हा, चन्द्रभान सिन्हा, पीला राम डड़सेना, पीताम्बर डड़सेना, आनंदराम डड़सेना, घासी राम डड़सेना, परसराम सिन्हा, देवनाथ सिन्हा, साबुलाल सिन्हा, रोहित सिन्हा, रतन डड़सेना, नंदकुमार डड़सेना, गोपाल डड़सेना, मनोहर डड़सेना सहित अनेक कृषकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन वरिष्ठ किसानों का जीवन संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता समाज की मजबूत नींव है, जिनके अनुभव से नई पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए।


