महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 21 नवंबर। खल्लारी विधानसभा के कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने कहा है कि पांच राज्यों के चुनाव आ रहे हैं। उप चुनावों में भाजपा की करारी हार हुई है, उससे घबराकर और उत्तरप्रदेश में अपने शासन को बचाने केंद्र की मोदी सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े।
अंकित ने इस लड़ाई को जीतने के लिए लगातार संघर्षरत रहे किसान संगठनों के साथ-साथ विपक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व कर्ता राहुल गांधी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को साधुवाद दिया है और कहा कि कांग्रेस ही एकलौती ऐसी पार्टी है, जिसमें किसान सुखी रह सकता है और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने अपने मुखिया भूपेश बघेल के नेतृत्व में इसे सच कर दिखाया है।
अंकित ने जारी विज्ञप्ति में आगे कहा कि केंद्र की मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पूरे देश के किसानों को बड़े कॉर्पोरेट के हांथों बेच देने की कूटनीति के लिए बिना किसी किसान संगठन से चर्चा किये ही किसानों को खत्म करने व गुलाम बनाने वाला तीन कृषि कानून लायी थी। जिसका पूरे देश के किसानों ने विरोध किया था व विगत एक वर्षों से लाखों किसान केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा लाये गए कृषि कानूनों का विरोध करने दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर धरनारत थे। इस आंदोलन में लगभग 700 से अधिक किसान पूरे देश में शहीद हुए।
पूरे देश में कृषि कानूनों के प्रचार हेतु अभियान चलाया गया। पूरी भाजपा इन कानूनों को अच्छा बताने में लगी रही और तो और केंद्र की हठधर्मी सरकार ने संसद में इस पर चर्चा करवाना भी उचित नहीं समझा। अब जब पांच राज्यों के चुनाव आ रहे हैं, उप चुनावों में भाजपा की करारी हार हुई है, उससे घबराकर और उत्तरप्रदेश में अपने शासन को बचाने केंद्र की मोदी सरकार को घोषणा करना पड़ा कि वो इन कृषि कानूनों को वापस लेगी।
अंकित ने दावा किया कि केंद्र द्वारा लाये गए इन कृषि कानूनों से जमाखोरों को बहुत लाभ हुआ और हो रहा था, इसी के कारण खाने के तेल ,दाल,आलू ,प्याज में चौतरफा तेजी आई थी और आमजन त्राहिमाम करने लगे थे। इनके मूल्यों में कमी लाने इन कानूनों की वापसी अत्यंत आवश्यक थी और इस वापसी का लाभ आम जन को मिलेगा।


