महासमुन्द

नदी-नाले उफ ने, कई सडक़ें बंद
15-Sep-2021 5:44 PM
नदी-नाले उफ ने, कई सडक़ें बंद

गांजर, मुनगासेर, कोमाखान, कुलिया और नर्रा-ओडिशा मार्ग बंद

महासमुंद में 24 घंटे में 122 मिमी बारिश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 15 सितम्बर।
महासमुंद जिले में पिछले 24 घंटे में 122 मिमी औसत बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश बसना ब्लॉक में हुई है। यहां 189 मिमी वर्षा पिछले 24 घंटे में हुई है। सोमवार से लगातार हो रही बारिश का असर मंगलवार की सुबह देखने को मिला। बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। इसके चलते बागबाहरा और बसना क्षेत्र के नदी-नालों का पानी पुल-पुलिया से ऊपर बहने लगा और बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। इसके चलते बागबाहरा क्षेत्र में आवागमन थोड़ा प्रभावित रहा।

मौसम विभाग ने जिले में अगले 24 घंटे के लिए मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। बारिश का असर सबसे अधिक बागबाहरा ब्लॉक में देखने को मिला। ग्राम छुहिया मार्ग स्थित मचका नाले में पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण आवागमन अवरूद्ध रहा।

वहीं इसके चलते मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरीज को कुर्सी में बिठाकर ग्रामीणों ने नाला पार कराया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा अस्पताल ले गए। कसेकेरा नाला के ऊपर भी पानी बह रहा था। बागबाहरा ब्लॉक के ही गांजर.मुनगासेर मार्ग पर स्थित पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव था और आवाजाही बंद रही। कोमाखान कुलिया मार्ग, नर्रा के रास्ते ओडि़शा मार्ग पर स्थित जोंक नदी पर स्थित पुल पानी में डूब गया। 

यह मार्ग अवरूद्ध रहा
कृषि विभाग के उप संचालक एसआर डोंगरे ने बताया कि 24 घंटे से हो रही बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। खेत लबालब हो गए हैं। नदी-नालों में भी पानी की आवक अच्छी है। इसका असर जलाशयों में भी नजर आएगा। जिस क्षेत्र में कम बारिश हुई थी, वहां धान की फसल को नया जीवन मिला है। हालांकि अच्छी बारिश में देरी से धान के उत्पादन में 15-20 प्रतिशत की कमी आएगी। 

कसेकेरा नाला पार कर रहे थे ग्रामीण, आ धमका भालू
कसेकेरा नाला पार कर रहे ग्रामीण उस वक्त थरथरा गए, जब पुल के उस पार अचानक भालू आ धमका। भालू को देखते हुए पुल पार कर रहे ग्रामीण अचानक भागकर वापस आए और अपनी जान बचाई। हालांकि नाले में पानी के कारण भालू जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में अलर्ट कर दिया है।

 


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