महासमुन्द

चार महीने से इंतजार कर रहे सैकड़ों किसानों को इस बार नहीं मिल पाएगा सौर सुजला पंप का लाभ
13-Sep-2021 8:24 PM
चार महीने से इंतजार कर रहे सैकड़ों किसानों को इस बार नहीं मिल  पाएगा सौर सुजला पंप का लाभ

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
महासमुंद, 13 सितम्बर।
सौर सुजला योजना के तहत पंप लगाने के लिए चार महीने से इंतजार कर रहे 359 किसानों को इस बार इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। क्योंकि वर्ष 2021-22 में सौर सुजला योजना के तहत लक्ष्य कम मिला है। 

गोठानों में इस साल करीब 200 पंप स्थापित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि इस साल सरगुजा व बस्तर क्षेत्र में लक्ष्य बढऩे के कारण जिले में लक्ष्य कम कर दिया है। ज्ञात हो कि विभाग को हर साल 700 से 800 पंप स्थापित करने का लक्ष्य मिलता था, लेकिन इस बार मात्र 200 का लक्ष्य दिया गया है। 

इस संबंध में क्रेडा के इंजीनियर एनके गायकवाड़ ने बताया कि शासन ने इस वर्ष सौर सुजला योजना के तहत 200 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य दिया है। यह भी केवल गौठानों के लिए है, जो पूर्व निर्धारित लक्ष्य में कटौती के बाद मिला है। वर्तमान में जिले में करीब साढ़े 359 आवेदन योजना के तहत लंबित है। इस बार बस्तर व सरगुजा में लक्ष्य को बढ़ा दिया गया है। यदि अन्य जिलों द्वारा लक्ष्य पूरा नहीं हो तो जिले का लक्ष्य बढ़ सकता है।

शासन ने इस बार जिले में 200 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य विभाग को दिया है, जो सभी जिले के गोठानों में लगाए जाएंगे। शासन नरवा, गरवा, घुरवा और बारी योजना के तहत गोठानों और चारागाहों के निर्माण के साथ वहां रहने वाले पशुओं के पेयजल की सुविधा पर जोर दे रहा है। जिले में गोठानों की संख्या भी बढ़ती जा रही है, जिसमें मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने का कार्य चल रहा है। 

इंजीनियर ने बताया कि 551 गोठानों में पंप स्थापित किया जाना है। 129 गोठानों में पंप स्थापित कर लिया गया है। इस साल 98 गोठान में पंप लगाने के लिए प्रस्ताव पंचायत से आ गया है। शेष पंचायतों में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

 विभाग का कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों को दिए गए लक्ष्य पूरा नहीं होने पर शासन इसे जिले को हस्तांरित कर सकता है, लेकिन यह आगामी अक्टूबर के बाद ही पता चलेगा। इस साल पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों के लिए यह योजना कारगर साबित हो रही है। 

ज्ञात हो कि शासन ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और बिजली पर होने वाले खर्च से राहत देने के लिए यह योजना शुरु की है, जिससे किसानों को फायदा भी हो रहा है और खेती में सिंचाई की चिंता से राहत भी मिल रही है। 
 


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