महासमुन्द

खंड वर्षा: धान फसल की हालत खराब
09-Sep-2021 5:59 PM
खंड वर्षा: धान फसल की हालत खराब

पानी नहीं होने से खाद डालने में हो रही देरी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
महासमुंद, 9 सितम्बर।
महासमुंद जिले के खेतों में धान के फसल उत्पादन पर सीधा असर पडऩे लगा है। हालांकि छुट-पुट बारिश जाारी है, लेकिन अब इस बारिश का कोई मतलब नहीं है। खेती पर खतरा अब भी मंडरा रहा है और सूखे के हालात नजर आ रहे हैं। खंड वर्षा के चलते तहसीलों में धान की फसल की हालत खराब है। बारिश नहीं होने की वजह से इस साल फसलों का ग्रोथ कम हो गया है। किसानों का कहना हैं कि फसलों के ग्रोथ 50 प्रतिशत की कमी आई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार उत्पादन में भी भारी कमी आएगी।

गौरतलब है कि बारिश नहीं होने की वजह से खेतों में निंदाई का काम भी रुक गया है। फसल का बढ़वार रुक गया है। अत: अब बारिश होने का भी कोई मतलब नहीं है। क्योंकि जितने तेजी से फसल को बढऩा था, वो पानी नहीं मिलने के कारण नहीं हो पाया है। उपज में इस बार 25 से 50 फीसदी कमी आ सकती है। 

जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर ग्राम सिरगिढ़ी में अधिकांश किसानों ने अपने खेतों में धान की फसल ली है। यहां के किसान बारिश के भरोसे खेती करते हैं। इस साल धान के फसल को जितना ग्रोथ करना था, उससे 50 फीसदी कम है। इसी तरह लभराखुर्द के किसान भी बारिश नहीं होने के कारण यूरिया खाद भी समय पर नहीं डाल पाए हैं। धान में 30 से 40 प्रतिशत उपज कम होने का अनुमान है। यहां भी धान का बढ़वार दो से ढाई फ ीट हो जाना चाहिए था। हरुना व माई धान में 30 से 40 प्रतिशत उपज कम होने का अनुमान है। बढ़वार दो से ढ़ाई फ ीट हो जाना चाहिए था। अषाढ़ व सावन महीने में फसलों को यदि पर्याप्त पानी मिलता तो फसलों को नुकसान नहीं होता।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि सप्ताहभर में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जो शेष फसल है, वो भी खराब हो जाएंगे। 
कृषि विभाग के उप संचालक एसआर डोंगरे ने बताया कि असिंचित यानी बारिश के भरोसे हो रही खेती से फसल का ग्रोथ प्रभावित है। इसके चलते उत्पादन में भी 10 से 20 प्रतिशत की कमी आएगी। पौधे अभी डेढ़ फ ीट यानी 7 से 8 इंच है। खेतों में पानी नहीं होने के कारण कई किसान धान की फसल में खाद तक नहीं डाल पा रहे हैं। इन दिनों खाद की किल्लत होती थी, लेकिन इस बार खाद के लिए मारा मारी नहीं हो रही है। क्योंकि खेतों में पानी नहीं होने के कारण खाद किसान नहीं डाल रहे हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र के एसके वर्मा ने बताया कि निंदाई जरुरी है। बारिश नहीं होने से किसानों को निंदाई करने में परेशानी हो रही है लेकिन निंदाई के लिए पिछले दो तीन दिन बारिश हुई है। किसान निंदाई अभी कर सकते हैं। निंदाई नहीं हुई तो फसल को नुकसान के साथ फसल का ग्रोथ रुक जाता है। 
 


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