महासमुन्द
किसानों ने की कोतवाली पहुंचकर शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 2 सितम्बर। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इस बीच कुछ कंपनियां फसल की अधिक कीमत देने के नाम पर खेती करवाई, फिर फसल खरीद कर भुगतान नहीं कर रही है। ऐसा ही एक कारनामा एक कंपनी ने किया है। इसने किसानों से उनकी फसल तो ले ली, लेकिन अब 3 करोड़ का भुगतान नहीं कर रही है। इसके चलते किसान परेशान हैं। भुगतान नहीं मिलने से किसानों ने बुधवार को कोतवाली पहुंचकर शिकायत की। कोतवाली पुलिस ने जांच उपरांत के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कोतवाली पहुंचे किसानों का कहना है कि रैलीज इंडिया लिमिटेड कंपनी ने महासमुंद समेत पांच जिले के 500 किसानों को हाइब्रिड धान नर-नारी के उत्पादन के लिए प्रेरित किया। किसानों को बताया गया कि इसकी कीमत काफी अधिक होती है। अक्टूबर में कंपनी ने एजेंट के जरिए धान की खरीदी तो कर ली, लेकिन अब भुगतान के लिए घुमाया जा रहा है।
इस संबंध में महासमुंद एसडीओपी नारद सूर्यवंशी ने बताया कि रैलीज इंडिया लिमिटेड कंपनी हैदराबाद के द्वारा किसानों को नर नारी धान के उत्पादन के लिए बीज दिए थे। जानकारी के अनुसार रैलीज इंडिया लिमिटेड कंपनी के एजेंट्स ने कंपनी की पॉलिसी के अनुसार महासमुंद, धमतरी, बलौदाबाजार, बालोद, गरियाबंद के लगभग 500 किसानों को धान की हाइब्रिड वैरायटी एमआरएच 2, एमआरएच 12, एमआरएच15, 1बी, 1बी.5, 1बी.8 का वितरण वर्ष 2020 के रबी सीजन में किया। किसानों के बीज लगाने के 35 से 40 दिन में फसल तैयार हो गई और कंपनी ने एजेंट्स के माध्यम से उत्पादन को हाइब्रिड बीज के मूल्य के अनुसार 3600, 3700, 5800, 6700 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद लिया।
सिरपुर के किसान कृपा निषाद ने कंपनी के एजेंट के माध्यम से हाईब्रिड धान का बीज खेत में लगाने के लिए लिया था। कंपनी के द्वारा 40 दिन में धान की फसल होने की बात कही गई। कंपनी के एजेंट की बात में इन्होंने करीब 35 हजार में बीज खरीदकर चार एकड़ में फसल लिया था।
इसी तरह जिला पंचायत के सभापति अमर चंद्राकर का कहना है कि सिरपुर सहित जिले भर के कई किसानों ने नर नारी धान की फसल ली है। फसल खरीदी के बाद कंपनी अब किसानों को भुगतान नहीं कर रही है। जिले में करीब 2 हजार एकड़ में किसानों ने फसल ली है।
रैलीज इंडिया लिमिटेड कंपनी के एजेंट राधेश्याम साहू का कहना है कि किसानों का एक प्रतिशत भुगतान हो गया है। कोरोना की वजह से कुछ पेमेंट का भुगतान नहीं हुआ है। इस संबंध में हैदराबाद जाकर कंपनी के हेड से चर्चा की गई तो उन्होंने जल्द ही किसानों का भुगतान करने की बात कही थी पर आज तक पेमेंट नहीं मिला। उनके खाते से 415 टन माल गया था।


