महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 27 अगस्त। आर्ष ज्योति गुरुकुल आश्रम व संस्कृत भारती महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत सप्ताह का समापन समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल महाराज, संस्कृत विद्या मंडल के सचिव राजेश सिंह, सहायक संचालक पूर्णिमा पांडे व सहायक संचालक लक्ष्मणलाल साहू मुख्य रूप से शामिल हुए। संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर गुरुकुल के ब्रह्मचारी नंदलाल व उनकी टीम ने संस्कृत गीत.संगीत की प्रस्तुति दी।
आर्ष ज्योति गुरुकुल आश्रम कोसरंगी के आचार्य कोमल कुमार ने संस्कृत में संबोधित करते हुए कहा संस्कृत के बिना हमारी भारतीय संस्कृति बच नहीं सकती। संस्कृत को छोड़ दें तो जीवन हमारा अधूरा है। व्यक्ति को पंगु बनकर जीना हो तो संस्कृत की अवहेलना करें। संस्कृत भारती के अध्यक्ष आचार्य सुखेंद्र द्विवेदी ने कहा कि महासमुंद जिले के अनेक विद्यालयों व अनेक स्थानों पर संस्कृत सप्ताह में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संस्कृत विद्या मंडल के सचिव राजेश सिंह ने संस्कृत को रोजगार उन्मुखी बनाने के लिए विद्या मंडल द्वारा चार विषयों पर डिप्लोमा कोर्स शुरू होने की बात बताई। इसमें ज्योतिष, पौरोहित्य प्रवचन व योग दर्शन शामिल हैं, जिसे 12वीं के बाद विद्यार्थी 1 साल में कर सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संत युधिष्ठिर महाराज ने कहा कि संस्कृत में संपूर्ण विज्ञान समाहित है। आज दुनिया के अनेक देशों में संस्कृत को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो रहा है, लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि हमारे देश में ही संस्कृत का ह्रास हो रहा है। संस्कृत के बिना सब व्यर्थ है। कन्या गुरुकुल आमसेना की छात्राओं ने भी ओजपूर्ण संस्कृत में भाषण के प्रस्तुति दी और संस्कृत के अथाह ज्ञान संपदा का बखान किया। इस अवसर पर आचार्य सुरेश कुमार, आचार्य स्वराज, आचार्य तेजराज, आचार्य प्रदीप, आचार्य पंचानंद व शताधिक गुरुकुल के ब्रह्मचारी व शताधिक ग्राम के विभिन्न लोग मौजूद रहे।


