महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 20 अगस्त। जिले में लगातार अवर्षा की स्थिति को दृष्टिगत कर विगत सप्ताह जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोडार जलाशय परियोजना वृहद परियोजना में उपलब्ध 46 मिघमी जल भराव में से 25 मिघमी निस्तारी हेतु आरक्षित कर शेष को खरीफ फसल सिंचाई हेतु प्रदाय किया जाने का निर्णय लिया गया। वहीं केशवा जलाशय में उपलब्ध 3.30 मिघमी जल को निस्तारी हेतु सुरक्षित रखा जावे।
इसी तरह लघु जलाशयों में से जिनमें 25 प्रतिशत से अधिक जल भराव है उसे कृषकों की मांग अनुसार जल प्रदाय किया जाने पर सहमति बनी।
कार्यपालन अभियंता जल संसाधन जेके चंद्राकर ने बताया कि कोडार जलाशय परियोजना से बीते 13 अगस्त से तथा 49 लघु सिंचाई जलाशयों से भी किसानों की मांग अनुसार खऱीफ़ फसल सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जा रहा है।
जल संसाधन विभाग द्वारा कृषकों से अपील की गई है कि वर्तमान में जल भराव की कमी को दृष्टिगत कर प्रदाय की जा रही जल का समन्वय के साथ समुचित उपयोग करें। किसी भी प्रकार का अपव्यय न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जावे।


