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अयोध्या के राम मंदिर में चंदा विवाद पर स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि ये "घोटाला नहीं डकैती है."
अवधेश प्रसाद ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, "ये हमारे देश का सबसे बड़ा घोटाला है. और अगर इसे डकैती कहना ग़लत नहीं होगा. और वह भी प्रभु श्रीराम के मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा मामला है. यह देश के करोड़ों लोगों की आस्था और उनके चढ़ावे से जुड़ा विषय है."
उन्होंने आगे कहा, "हर रोज़ प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं और अपनी आस्था के अनुसार उनके दर्शन करते हैं. अभी भी मंदिर चले जाइए, वहां लाखों श्रद्धालु मिलेंगे. इसलिए यह सिर्फ़ घोटाला नहीं, बल्कि डकैती है."
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान ट्रस्ट को निलंबित कर दिया जाए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी का गठन किया जाए.
इससे पहले रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई ने ख़बर दी कि यूपी सरकार ने राम मंदिर में कथित चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है.
एजेंसी के मुताबिक़, इस टीम में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.
एएनआई के मुताबिक़, यूपी सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद जांच टीम का गठन किया है. (bbc.com/hindi)


