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गुरुवार को केंद्रीय राजपत्र में अधिसूचित, 200 लीटर ही मिलेगा बल्क में
रायपुर, 12 जून। आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून गुरुवार को असाधारण राजपत्र में एक सूचना प्रकाशित की है। इसके साथ ही यह देश भर में प्रभावी हो गया है।
इसके मुताबिक औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल/डीजल खरीदने या मंगाने पर रोक लगाई जा सकती है। इन्हें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति केवल अपने अधिकृत उपभोक्ता पंपों से करनी होगी।
किसी एक ग्राहक/वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल की बिक्री की सीमा निर्धारित की गई है।
खरीदा गया डीजल पुनर्विक्रय ( रिसेल) नहीं किया जा सकेगा। तेल विपणन कंपनियों और डीलरों को इन प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
राज्य सरकारों को जमाखोरी, कालाबाजारी, अनधिकृत भंडारण और अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय में निदेशक अरूण कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार
संस्थागत और प्रत्यक्ष अथवा औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहक, खुदरा बिक्री केंद्र से एमएस (मोटर स्परिट) और/या हाई स्पीड डीज़ल (एचएसडी) नहीं खरीदेंगे या नहीं मंगवाएंगे और अपनी एमएस / एचएसडी की आवश्यकताओं को केवल अपने उपभोक्ता पंप से ही पूरी करेंगे।
इसी तरह से खुदरा बिक्री केंद्र एचएसडी केवल वाहनों के टैंक अथवा पेसो (PESO) से अनुमोदित कंटेनर में ही बिक्री करेंगे और एक दिन में एक ग्राहक/वाहन को 200 लीटर से ज़्यादा एचएसडी बिक्री नहीं करेंगे। ऐसे ग्राहक इस एचएसडी की पुनः बिक्री नहीं कर सकते हैं।
तेल विपणन कंपनियों तथा खुदरा विक्रय केंद्र डीलर धारा 3 के अधीन लगाए गए प्रतिबंधों का पालन कर उनके उल्लंघन को रोकेंगे।
इस प्रावधान के तहत कोई भी आदेश जारी होने की तिथि से अधिकतम 90 दिनों की प्रारंभिक वैधता के लिए या किसी अन्य आदेश द्वारा रद्द किए जाने तक, जो भी पहले हो, जारी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि आदेश अपनी समाप्ति से पहले रद्द नहीं किया जाता है, तो उसे लागू रखने के लिए किसी अन्य आदेश द्वारा उसका विस्तार करना होगा और वह विस्तार आदेश में निर्धारित अवधि तक वैध रहेगा।
आदेश के अनुसार सरकार विशेष आदेश द्वारा किसी भी उपभोक्ता, उपभोक्ता वर्ग, क्षेत्र, लेनदेन या लेनदेन की श्रेणी को इस आदेश के सभी या किसी भी प्रावधान से छूट दे सकती है। आदेश लागू रहने तक केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा साधारण या विशेष आदेश द्वारा किसी राजपत्रित अधिकारी, पुलिस उप-अधीक्षक, तेल कंपनी सेल्स ऑफिसर के पद से नीचे का न हो, इस आदेश के प्रावधानों के तहत तलाशी और अधिग्रहण कर सकेंगे। आदेश का उल्लंघन आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अनुसार दंडनीय होगा।


