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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 12 जून। जिले के उदईबंद गांव में आयोजित चंगाई सभा को लेकर पुलिस ने पादरी, मकान मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सभा के दौरान लोगों को बीमारी ठीक करने का दावा करते हुए ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था तथा हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
सिटी कोतवाली पुलिस के अनुसार 11 जून को सूचना मिली कि उदईबंद गांव के गुड़ीपारा मोहल्ले में एक घर पर चंगाई सभा आयोजित की गई है। शिकायत के मुताबिक वहां लोगों को चमत्कारी जल के माध्यम से बीमारी ठीक करने का भरोसा दिलाया जा रहा था। साथ ही बाइबिल और अन्य धार्मिक साहित्य का वितरण भी किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता सतीश सोनी, जो हिंदू धर्म जागरण संगठन में जिला प्रशासन संपर्क प्रमुख हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्हें गांव के लोगों से सभा की जानकारी मिली थी। इसके बाद वे अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां कथित रूप से पादरी राधाराम (रथराम) महिलांग और अन्य लोग उपस्थित थे तथा सभा का संचालन कर रहे थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में अपमानजनक और आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने भी आपत्ति जताई।
लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मकान मालिक बद्रीनाथ बरेठ और पादरी राधाराम महिलांग को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से ईसाई धर्म से संबंधित कुछ दस्तावेज और साहित्य भी जब्त किए हैं।
इस मामले में पुलिस ने मुलमुला निवासी 38 वर्षीय राधाराम महिलांग तथा उदईबंद निवासी 40 वर्षीय बद्रीनाथ बरेठ सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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