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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 12 जून। रेल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने महाराष्ट्र की चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिलाएं भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं के पर्स, बैग और कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो जाती थीं। पुलिस ने इनके पास से चोरी के सामान की बिक्री से प्राप्त नकदी भी बरामद की है।
जीआरपी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के धबाडीह निवासी दिनेश कुमार पंकज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी का हैंडबैग बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर 12102 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के सामान्य कोच में चढ़ते समय चोरी हो गया था। बैग में करीब 95 हजार रुपये मूल्य के सोने के आभूषण रखे हुए थे।
शिकायत के आधार पर बिलासपुर जीआरपी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। रेलवे पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और रेल उप पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने स्टेशन परिसर में संदिग्धों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान स्टेशन परिसर में चार महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में घूमती दिखाई दीं। पुलिस को देखकर वे बचने और छिपने का प्रयास करने लगीं, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपितों ने अपनी पहचान पूनम विनेश मानकर (43), अरुणा विट्ठल उइके (60), अनीता मंगल सिंह (46) और चैत्रा लोढ़े (59) के रूप में बताई। सभी आरोपी महाराष्ट्र के नागपुर जिले के अंजनी थाना क्षेत्र की निवासी हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करती थीं। रायगढ़ से रायपुर के बीच चलने वाली ट्रेनों में महिलाओं को निशाना बनाकर उनके पर्स, नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी करती थीं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी भीड़ और यात्रियों की व्यस्तता का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देती थीं। चोरी किए गए सामान को बेचने के बाद प्राप्त रकम आपस में बांट ली जाती थी।
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने चोरी के सामान की बिक्री से बची नकदी भी पुलिस को सौंप दी। जीआरपी ने पूनम और अरुणा के पास से 10-10 हजार रुपये तथा अनीता और चैत्रा के पास से 2-2 हजार रुपये बरामद किए हैं।
चारों महिलाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में न्यायालय में पेश करने पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इसी बीच जीआरपी ने एक अन्य मामले में एसी कोच के यात्रियों को निशाना बनाने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी जय सावनानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 10 अप्रैल को उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस की एसी-1 बोगी में सागर से रायपुर की यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान उसलापुर स्टेशन पहुंचने से पहले किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका बैग चोरी कर लिया था। बैग में 25 हजार रुपये नकद और एक सोने की चेन थी।
मामले की जांच में साइबर सेल की मदद ली गई, जिसके बाद दुर्ग निवासी फरहान तासिर खान की पहचान हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के 25 हजार रुपये बरामद कर लिए।
आरोपी को 10 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 23 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।


