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हाईकोर्ट ने एनएचएम कर्मचारी की बर्खास्तगी रद्द की
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 7 जून । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के एक अकाउंटेंट की सेवा समाप्ति को अवैध ठहराते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि किसी कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना और उसका पक्ष सुने बिना नौकरी से हटाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने कोरबा जिले में एनएचएम के तहत कार्यरत अकाउंटेंट हरनारायण कुम्भकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 मई 2026 को जारी सेवा समाप्ति आदेश को निरस्त कर दिया।
याचिका के अनुसार हरनारायण कुम्भकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), कोरबा ने उनका कार्य प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होने का हवाला देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक ने तर्क दिया कि सेवा समाप्त करने से पहले न तो उनके मुवक्किल को कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि एनएचएम की मानव संसाधन नीति-2018 के अनुसार असंतोषजनक कार्य प्रदर्शन के आधार पर सेवा समाप्त करने से पहले संबंधित कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है।
याचिकाकर्ता की ओर से अपने पक्ष के समर्थन में पूर्व के न्यायिक निर्णयों का भी हवाला दिया गया।
वहीं राज्य शासन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ताओं ने सेवा समाप्ति आदेश का बचाव करते हुए कहा कि कर्मचारी को पहले भी कार्य में सुधार के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण सक्षम प्राधिकारी ने यह कार्रवाई की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि सेवा समाप्ति से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। अदालत ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया, जबकि ऐसी कार्रवाई से पहले यह आवश्यक था।
न्यायालय ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक निर्णय में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना जरूरी है। यदि किसी कर्मचारी के अधिकार प्रभावित हो रहे हों, तो उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए।


