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वैभव सूर्यवंशी को अनदेखा कर पाना सेलेक्टर्स के लिए नामुमकिन क्यों था
07-Jun-2026 11:39 AM
वैभव सूर्यवंशी को अनदेखा कर पाना सेलेक्टर्स के लिए नामुमकिन क्यों था

-प्रवीण

"वैभव के बारे में क्या कहा जाए. हमने देखा है कि वो क्या कर सकते हैं. प्लेऑफ में उन्होंने अकेले दम पर राजस्थान रॉयल्स को आगे बढ़ाया. मुझे इस बारे में भी बात करने की ज़रूरत नहीं है कि वो कितना अच्छा खेल रहे हैं और कितनी अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं."

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के चीफ़ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में सेलेक्ट करते हुए ये वजह बयां की.

हालांकि वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह से इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीज़न में धमाल मचाया उसके बाद ही ये साफ़ हो गया था कि वो जल्द ही इंटरनेशनल क्रिकेट में भी खेलते हुए नज़र आ सकते हैं.

वरिष्ठ खेल पत्रकार अयाज़ मेमन ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में चुने जाने के फ़ैसले को सही ठहराया है और उन्होंने बीसीसीआई के ये फ़ैसला लेने की वजह को भी बताया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से जुड़े खेल पत्रकार प्रत्यूष राज ने कहा कि उन्होंने 10 साल की अपनी खेल पत्रकारिता में वैभव सूर्यवंशी जैसे रेयर टैलेंट को नहीं देखा है.

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प्रत्यूष राज का मानना है कि वैभव आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट टीम के पोस्टर बॉय होंगे.

वहीं न्यूज चैनल आजतक से बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने बेटे के टीम इंडिया में सेलेक्ट होने पर खुशी ज़ाहिर की.

उन्होंने कहा, "हम लोग बहुत ज़्यादा ख़ुश हैं. बच्चा जिस चीज़ के लिए मेहनत कर रहा था उसका फल मिल गया है."

एक ही सीज़न में ध्वस्त किए बड़े रिकॉर्ड्स

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में बीते साल ही डेब्यू कर लिया था. अपने पहले सीज़न में ही वैभव सूर्यवंशी ने महज सात मैच में एक शतक और एक अर्धशतक लगाकर अपने टैलेंट की एक झलक दिखा दी थी.

लेकिन आईपीएल 2026 में महज 15 साल की उम्र में ही उन्होंने अपने बल्ले से छक्कों की ऐसी 'आतिशबाजी' की कि क्रिकेट की दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज उनकी प्रतिभा को देखर हैरान रह गए.

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 776 रन बनाए. लेकिन सबसे ख़ास रिकॉर्ड जो उन्होंने तोड़ा वो था क्रिस गेल का एक सीज़न में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड.

क्रिस गेल ने साल 2012 में एक ही सीज़न में 59 छक्के लगाए थे. अब 14 साल बाद वैभव ने एक ही सीज़न में 72 छक्के लगाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है.

वैभव ने इस सीज़न में एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए. तीन मौकों पर वो नर्वस नाइनटीज में आउट हुए. हालांकि बावजूद इसके वो महज 440 गेंद में ही आईपीएल में एक हज़ार रन पूरे करने में कामयाब रहे.

इस शानदार प्रदर्शन की वजह से वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में इमर्जिंग प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर, सुपर सिक्सेस, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और ऑरेंज कैप जैसे ख़िताबों से नवाजा गया.

वैभव सूर्यवंशी को टीम में चुनने के बाद अजीत अगरकर ने कहा, "सिर्फ इस सीज़न की बात नहीं है, वैभव की शुरुआत पिछले सीज़न में भी शानदार रही थी. एक युवा खिलाड़ी के लिए आईपीएल जैसी बेहद प्रतिस्पर्धी और दबाव वाली प्रतियोगिता में उस प्रदर्शन को बनाए रखना आसान नहीं होता."

"वह एक आक्रमक मैच विजेता हैं. हर किसी के जैसे जिन्होंने टी20 क्रिकेट देखा है, हमें भी उससे काफ़ी उम्मीदें हैं. मुझे लगता है कि उन्होंने ख़ुद को बहुत अच्छी तरह साबित किया है."

'वैभव को रोका नहीं जा सकता'

वैभव की टीम इंडिया में एंट्री पर वरिष्ठ खेल पत्रकार अयाज़ मेमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, "वैभव सूर्यवंशी के लिए आईपीएल का सीज़न बहुत ही शानदार रहा. उन्होंने 700 से ज़्यादा रन बनाए. ख़ास बात ये थी कि उन्होंने जिस स्टाइल के साथ वो रन बनाए. ये उम्मीदों से बढ़कर था."

वहीं प्रत्यूष राज का मानना है कि महज 15 साल की उम्र में ही वैभव सूर्यवंशी का नाम सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे उन बड़े खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो चुका है, जिन्हें देखने के लिए मैदान पर दर्शक आते हैं.

प्रत्यूष राज ने कहा, "पहले हम आईपीएल मैच देखने आते थे तो पाते थे कि विराट की जर्सी बिक रही है 18 नंबर, रोहित की जर्सी बिक रही है 45 नंबर. लेकिन अब लोग सूर्यवंशी की जर्सी पहन कर आ रहे हैं थ्री नंबर."

"एक पांच साल का छोटा बच्चा भी सूर्यवंशी का फ़ैन है और 70 साल का बुजुर्ग भी सूर्यवंशी का फ़ैन है. आर अश्विन ने बताया है कि वो राजस्थान का मैच अपने माता-पिता के साथ बैठकर देखते हैं. इसकी वजह क्या है? इसकी वजह ये है कि वो जिस तरह से बैटिंग करता है वो घर का बच्चा लगता है."

आईपीएल के 19वें सीज़न में वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस जैसे दिग्गज गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ भी जमकर रन बनाए. इसी वजह से वो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय बन गए और लगभग हर किसी ने उनकी बल्लेबाज़ी की सराहना की.

प्रत्यूष राज कहते हैं, "विराट कोहली ने जैसे उन्हें बोला एक बिहारी सब पर भारी. शुभमन गिल ने तो यहां तक कहा कि वैभव टी20 फॉर्मेट में दुनिया का सबसे बेस्ट बैटर है. सचिन तेंदुलकर कह रहे हैं कि वैभव टी20 क्रिकेट के लिए तैयार हैं."

विराट कोहली के बाद वैभव
प्रत्यूष राज ने बीबीसी हिन्दी से बात करते हुए वैभव की तकनीक के बारे में भी बताया है.

उन्होंने कहा, "सभी वैभव के बायोमैकेनिक्स के बारे में भी बात कर रहे हैं कि किस तरीके से मिनिमल फ़ुटवर्क है. वैभव जैसा टैलेंट कभी-कभी ही आता है."

बीते 15 साल तक भारतीय क्रिकेट से विराट कोहली एक तरह से भारतीय क्रिकेट का चेहरा रहे हैं. लेकिन अब विराट कोहली सिर्फ़ वनडे फॉर्मेट ही खेल रहे हैं.

प्रत्यूष राज कहते हैं, "विराट कोहली के बाद भारतीय क्रिकेट को किसी की ज़रूरत थी. एक ऐसा खिलाड़ी जो स्टेडियम को भर सकता है. सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी और विराट कोहली में स्टेडियम भरने की क्षमता थी. वो एक उम्मीद देते थे. अब वही उम्मीद और स्टेडियम भरने की क्षमता वैभव के अंदर है."

"वर्ल्ड कप के दौरान जसप्रीत बुमराह से वैभव के बारे में एक सवाल पूछा गया था. जिसके जवाब में बुमराह ने कहा था कि वैभव के बारे काफ़ी सुना है, वो अलग है. और वैभव ने जब आईपीएल में बुमराह की पहली गेंद का सामना किया तो उन्होंने छक्का लगाया."

क्वालिफ़ायर टू में वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह से गुजरात टाइटन्स के गेंदबाज़ों का सामना किया और 97 रन की पारी खेली, उसकी काफी तारीफ़ हुई.

क्रिकेट जगत ने वैभव की मैच्योरिटी को सराहा. इस मुकाबले में राजस्थान ने 9 रन पर ही दो विकेट गंवा दिए थे. लेकिन वैभव की बदौलत राजस्थान 20 ओवर में 214 रन बनाने में कामयाब रही.

इस पारी के बारे में प्रत्यूष राज ने कहा, "रबाडा और सिराज ने कितने बाउंसर मारे. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उनका स्ट्राइक रेट भी 200 का रहा. वैभव एक ऐसा टैलेंट है जिसे रोका नहीं जा सकता."

वहीं अयाज़ मेमन ने कहा, "उन्होंने उम्र को लेकर उठ रहे सब सवालों का जवाब दे दिया. सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री, माइकल क्लार्क जैसे दिग्गजों का मानना था कि उन्हें टी20 के लिए टीम इंडिया में लाया जाना चाहिए. ये सही फ़ैसला है. अगर दो-तीन साल बाद ये फ़ैसला होता तो वो निराश हो सकते थे. वैभव का इंटरनेशनल क्रिकेट में स्वागत है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (bbc.com/hindi)


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