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नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन मामले में बलवा सहित कई गंभीर मामलों में अपराध दर्ज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 7 जून। नीट पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में हुए एनएसयूआई के प्रदर्शन के बाद भिलाई विधायक देवेंद्र यादव एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में विधायक स्वयं अपने हाथों से कुर्ता फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। विपक्ष ने कांग्रेस तथा विधायक के दावों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
दरअसल, 3 जून को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता नीट पेपर लीक मामले के विरोध में सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों ने सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने की घोषणा की थी।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सांसद निवास से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, जिससे पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
घटनाक्रम के बीच विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फट गया था। बाद में उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनका कुर्ता फाड़ा गया। हालांकि अब वायरल हुए वीडियो ने इस दावे को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में विधायक स्वयं अपना कुर्ता फाड़ते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है।
उधर, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाना में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सार्वजनिक उपद्रव, बलवा, रास्ता रोकने और मारपीट से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि झड़प में पुलिस जवानों को भी चोटें आई हैं। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र और कार्यकर्ता घायल हुए। घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल भेजा गया था।
घटना के दौरान पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
अब वायरल वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जबकि सोशल मीडिया पर भी लोग इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।


