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4सी एयरपोर्ट के लिए अब सड़कों पर होगा जनआंदोलन
07-Jun-2026 1:43 PM
4सी एयरपोर्ट के लिए अब सड़कों पर होगा जनआंदोलन

जून के अंतिम सप्ताह में विशाल मार्च की तैयारी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 7 जून। बिलासपुर में पूर्ण सुविधायुक्त हवाई अड्डे और देश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी विमान सेवाओं की मांग पर लगातार आंदोलन जारी है। लगभग सात वर्षों से इस मुद्दे को लेकर आंदोलन चला रही हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने अब रनवे विस्तार और नए टर्मिनल भवन के निर्माण की मांग को लेकर बड़े जनआंदोलन का ऐलान किया है।

समिति ने जून के अंतिम सप्ताह में एक विशाल जन मार्च निकालने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित मार्च गांधी चौक से शुरू होकर निर्धारित धरना स्थल से होते हुए नेहरू चौक तक पहुंचेगा। इसके साथ ही शाम के समय एक विराट जन मंच आयोजित की जाएगी।

समिति का कहना है कि बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में आज भी हवाई सुविधाएं सीमित हैं, जबकि यहां छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का जोन मुख्यालय और कई प्रमुख शासकीय संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है।

जन मार्च को व्यापक स्वरूप देने के लिए समिति ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं। ये टीमें खेल संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, धार्मिक समूहों, जातीय संगठनों, पेशेवर संघों तथा प्रमुख राजनीतिक एवं सामाजिक व्यक्तियों से संपर्क कर समर्थन जुटाएंगी।

समिति ने सदस्यों को अगले पांच से छह दिनों के भीतर अधिकतम जनसमर्थन जुटाने का लक्ष्य दिया है। समर्थन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आम सहमति से मार्च की अंतिम तिथि घोषित की जाएगी।

समिति ने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट के विस्तार और नए टर्मिनल भवन के लिए राज्य सरकार ने अब तक कोई बजटीय स्वीकृति नहीं दी है। वहीं केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से समय-समय पर आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन न तो कोई स्पष्ट समयसीमा तय की जाती है और न ही वित्तीय मंजूरी की घोषणा होती है।

समिति के अनुसार बिलासपुर एयरपोर्ट को उन्नत श्रेणी के हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी और यह कार्य करीब तीन वर्षों में पूरा हो सकता है।

समिति ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर एयरपोर्ट ही ऐसा हवाई अड्डा है जहां बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमान उतर सकते हैं। खराब मौसम या अन्य कारणों से रायपुर में लैंडिंग संभव नहीं होने पर विमानों को अक्सर नागपुर या भुवनेश्वर की ओर डायवर्ट करना पड़ता है।

समिति ने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्रफल में छत्तीसगढ़ से छोटे तमिलनाडु राज्य में सात बड़े हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर को अभी तक समुचित हवाई सुविधाओं का इंतजार है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का क्रमिक धरना शनिवार और रविवार को भी जारी रहा। आंदोलन में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर एयरपोर्ट विस्तार की मांग का समर्थन किया।

 


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