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‘नो स्टॉक’ बोर्ड लगे, लंबी कतारों में परेशान लोग; प्रशासन बोला- पांच दिन का भंडार उपलब्ध
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 14 मई। शहर और आसपास के इलाकों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बिलासपुर शहर सहित बाहरी क्षेत्रों के करीब 12 पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि कई अन्य पंपों में सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। सबसे अधिक असर एचपीसीएल के पंपों पर देखा जा रहा है, वहीं बीपीसीएल के कई पंप भी पेट्रोल और डीजल दोनों की कमी से जूझ रहे हैं।
स्थिति सबसे ज्यादा बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर गंभीर बताई जा रही है। उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू क्षेत्र के कई पंपों पर लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर भी “नो स्टॉक” के बोर्ड लग चुके हैं। बुधवार को कई स्थानों पर वाहन चालकों की लंबी कतारें देखी गईं।
पंप संचालकों के अनुसार तेल टैंकर समय पर नहीं पहुंचने से यह स्थिति बनी। हालांकि अब कई पंपों ने तेल कंपनियों को भुगतान कर दिया है, जिसके बाद डिपो से टैंकर रवाना किए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
शहर के टैगोर चौक, पुलिस पेट्रोल पंप, सीपत चौक और बैमा-नगोई चौक स्थित पंपों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा भीड़ रही। पेट्रोल पंप कर्मचारियों का कहना है कि लोग भविष्य की आशंका से टैंक फुल करा रहे हैं। कई वाहन चालक साफ रहे हैं कि अगर बाकी पंप भी बंद हो गए तो मुश्किल बढ़ जाएगी, इसलिए पहले से ईंधन जमा किया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में कई पंप संचालकों ने खुद ही बिक्री सीमित कर दी है। बाइक चालकों को 200 रुपये तक और कार चालकों को लगभग 1000 रुपये तक का ही ईंधन दिया जा रहा है। भारी वाहनों को भी सीमित मात्रा में डीजल मिल रहा है।
संचालकों का कहना है कि भुगतान करने के बावजूद सप्लाई आने में दो से तीन दिन की देरी हो रही है। इससे सबसे अधिक परेशानी मालवाहक वाहनों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को हो रही है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ तेल कंपनियों ने प्रति वाहन सीमित ईंधन देने के निर्देश जारी किए हैं। कई पंपों पर 40 से 50 लीटर तक की सीमा तय की गई है। इसका उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और अधिक से अधिक लोगों तक ईंधन पहुंचाना बताया जा रहा है।
इस व्यवस्था से ट्रांसपोर्टरों और बड़े वाहनों के संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार व्यावसायिक डीजल महंगा होने के बाद भारी वाहन अब सामान्य पेट्रोल पंपों से डीजल भरवा रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है।
खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि शहर के 9 पेट्रोल पंपों का भुगतान पूरा हो चुका है और उन्हें जल्द सप्लाई मिलने की संभावना है। चार पंपों का भुगतान अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों से लगातार संपर्क बना हुआ है और एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसो


