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हाईकोर्ट का आदेश- सिर्फ जब्ती नहीं, प्लास्टिक कचरे के स्रोत भी खोजे सरकार
14-May-2026 11:38 AM
हाईकोर्ट का आदेश- सिर्फ जब्ती नहीं, प्लास्टिक कचरे के स्रोत भी खोजे सरकार

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रदेश में जागरूकता और सफाई अभियान चलाने निर्देश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 14 मई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते प्लास्टिक कचरे और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को व्यापक सफाई एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि केवल छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई कर समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि यह भी पता लगाना जरूरी है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक आखिर राज्य में कहां से आ रहा है।

यह टिप्पणी नितिन सिंघवी द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। सुनवाई में मुख्य सचिव द्वारा दायर शपथ पत्र में बताया गया कि राज्य सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर टास्क फोर्स गठित की है। प्रदेश के 194 नगरीय निकायों में अब तक 16,497 निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 9,216 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त किया गया और करीब 59.75 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अदिति सिंघवी ने दलील दी कि सरकार केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई कर रही है, जबकि यह पता लगाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का निर्माण राज्य में हो रहा है या दूसरे राज्यों से इसकी सप्लाई की जा रही है।

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, नालों, बाजारों, जलस्रोतों और ग्रामीण क्षेत्रों में फैला प्लास्टिक कचरा पर्यावरण, जनस्वास्थ्य और पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। अदालत ने यह भी कहा कि केवल सरकारी कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी, जब तक आम नागरिक खुद प्लास्टिक उपयोग और कचरा फैलाने से परहेज नहीं करेंगे।

खंडपीठ ने राज्य सरकार और पर्यावरण संरक्षण मंडल को निर्देश दिया कि वे सड़कों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, गांवों और जलस्रोतों में विशेष सफाई अभियान चलाएं। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया, स्कूल-कॉलेजों तथा स्थानीय निकायों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाकर कपड़े, कागज और जूट के बैग के उपयोग को बढ़ावा दें।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, परिवहन और सप्लाई से जुड़े स्रोतों की पहचान कर संबंधित लोगों और संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें मुख्य सचिव को कार्रवाई रिपोर्ट पेश करनी होगी।

 


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