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बुधवार को आए तेज़ तूफ़ान, बारिश और ओलावृष्टि के चलते उत्तर प्रदेश में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है.
राज्य आपदा प्रबंधन और राहत कार्यालय के मुताबिक़ इस आपदा में 89 लोगों की मौत हो गई.
रिपोर्ट के मुताबिक़ तूफ़ान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की घटनाओं में 53 लोग घायल भी हुए हैं.
इसके अलावा 87 मकानों को नुकसान पहुंचा है और 114 मवेशियों की भी मौत हुई है.
टीवी तस्वीरों में तेज़ हवाओं से पेड़ और होर्डिंग उखड़ते दिखाई दिए. कुछ पेड़ और बोर्ड कारों पर गिर गए, जबकि धूल और मलबे के गुबार ने सड़क किनारे दुकानों का लकड़ी के दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा.
रॉयटर्स के मुताबिक़, राज्य राहत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई लोगों की मौत पेड़ गिरने और मकानों की दीवार ढहने की वजह से हुई.
उत्तर प्रदेश के रिलीफ़ कमिश्नर के एक्स अकाउंट से जारी एक बयान में कहा गया है, "13 मई को खराब मौसम के कारण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से प्रदेश में 89 जनहानि, 53 घायल, 114 पशुहानि तथा तथा 87 मकान क्षति की सूचना प्राप्त हुई है, जिसका संज्ञान मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा लिया गया है."
इस बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने सभी मण्डलायुक्तों और ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवारों को सहायता धनराशि वितरित करते हुए मदद दी जाए.
सपा नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर सरकार से राहत और बचाव कार्य को युद्धस्तर पर किए जाने की अपील की है.
उन्होंने लिखा, "सरकार तुरंत राहत-बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर करे, घायलों के अच्छे-से-अच्छे मुफ़्त इलाज की तुरंत व्यवस्था हो, खाना-पानी शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराया जाए, रहने-की अस्थायी व्यवस्था कराई जाए, मृतकों का ससम्मान अंतिम संस्कार हो."
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 'जानमाल, फसल व वाहन आदि के नुक़सान का आंकलन करके बीमा राशि सुनिश्चित की जाए व मुआवज़े की घोषणा की जाए.' (bbc.com/hindi)


