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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 5 मई। असम विधानसभा चुनाव में कोकराझार लोकसभा क्षेत्र ने इस बार अभूतपूर्व राजनीतिक परिणाम दिए हैं। यहां 9 में से 8 सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगियों (एनडीए) ने जीत दर्ज की है। इस सफलता में केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
तोखन साहू को इस क्षेत्र का प्रवासी प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने करीब दो महीने तक क्षेत्र में लगातार दौरा किया और 42 दिन जमीनी स्तर पर रहकर कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया। खासकर बीपीएफ जैसे सहयोगी दलों के साथ तालमेल को मजबूत करते हुए हर सीट के लिए अलग रणनीति तैयार की गई, जिसका असर परिणामों में दिखा।
साहू ने बताया कि उनकी कार्यशैली में सहयोग और सामूहिक जीत पर विशेष जोर रहा। प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन और प्रचार अभियान तक, हर स्तर पर एक साझा रणनीति अपनाई गई। यही कारण रहा कि एनडीए के सहयोगी दलों के उम्मीदवारों ने भी अधिकांश सीटों पर प्रभावशाली जीत दर्ज की।
साहू ने कहा कि चुनावी अभियान के दौरान संकट की स्थिति में तेज निर्णय लिए गए, जिससे विपक्ष की रणनीतियों को कमजोर करने में मदद मिली। स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए जनता से सीधा संवाद स्थापित किया गया, जिससे गठबंधन के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सहित कई वरिष्ठ नेताओं की सभाओं ने चुनावी माहौल को और उत्साहित किया, जहां बड़ी संख्या में जनता की भागीदारी देखने को मिली।
जीतने वाली सीटों में कोकराझार, गोसाईगांव, बाओखुंगरी, डोटमा, बिजनी, सिदली, मानस और बक्सा शामिल हैं।
इस जीत के बाद वरिष्ठ नेता मनोहर लाल खट्टर और तोखन साहू ने साथ मिलकर जश्न मनाया। खट्टर ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की-झालमुड़ी का झाल टीएमसी को भारी पड़ गया। मालूम हो कि लगातार तीसरी बार असम में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार बनी है।


