ताजा खबर
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 5 मई। शहर के कोनी स्थित मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रांसफॉर्मर पैनल में अचानक जोरदार धमाका हो गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी नियमित जांच के तहत ट्रांसफॉर्मर का निरीक्षण कर रहे थे।
धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज पूरे अस्पताल परिसर में गूंज गई, जिससे मरीजों और स्टाफ के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। घटना में सीपीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रीशियन शिवशंकर कंवर और इंजीनियर यश अग्रवाल झुलस गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान बिजली सप्लाई बंद कर तकनीकी खराबी दूर की जा रही थी। जैसे ही सिस्टम को दोबारा चालू किया गया, अचानक ट्रांसफॉर्मर में विस्फोट हो गया और दोनों कर्मचारी उसकी चपेट में आ गए।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.पी. सिंह ने बताया कि यह घटना नियमित मेंटेनेंस के दौरान हुई। ट्रांसफॉर्मर सीपीडब्ल्यूडी के नियंत्रण में है और इसी के जरिए अस्पताल को बिजली आपूर्ति होती है।
घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, यश अग्रवाल को मामूली जलन हुई है, जबकि शिवशंकर कंवर को गंभीर चोटें आई थीं। फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने साफ किया है कि आधुनिक संसाधन और भारी-भरकम खर्च कर नए-नए बने सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में संवेदनशील उपकरणों के संचालन और जांच के दौरान उच्च स्तर के सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमित ऑडिट नहीं हो रही है।


