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भारत के प्रवासी नागरिकों से जुड़े नियमों में बदलाव, नाबालिगों के पास दो पासपोर्ट पर रोक
02-May-2026 11:24 AM
भारत के प्रवासी नागरिकों से जुड़े नियमों में बदलाव, नाबालिगों के पास दो पासपोर्ट पर रोक

भारतीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत नागरिकता नियम, 2009 में बदलाव करते हुए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) से जुड़ी सेवाओं और आवेदन प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया है. नए नियमों के अनुसार, अब सभी ओसीआई आवेदन केवल ऑनलाइन दाखिल किए जाएंगे. हालांकि फिजिकल ओसीआई कार्ड के साथ ई-ओसीआई कार्ड की व्यवस्था भी की गई है.

संशोधित नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नाबालिग एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता. मंत्रालय ने दोहराया है कि ओसीआई कार्ड धारकों को मल्टीपल एंट्री, मल्टी-पर्पज लाइफटाइम वीजा तथा कुछ आर्थिक और शैक्षणिक सुविधाएं मिलती रहेंगी, लेकिन वोटिंग, चुनाव लड़ने या संवैधानिक पद रखने जैसे राजनीतिक अधिकार नहीं मिलेंगे.

सरकार ने फिर स्पष्ट किया कि ओसीआई दर्जा अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है, जिसे कानून उल्लंघन की स्थिति में वापस लिया जा सकता है. पिछले साल 11 अगस्त को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि यदि किसी ओसीआई धारक को कम से कम दो साल की सजा होती है, या वह सात साल या उससे अधिक सजा वाले अपराध में चार्जशीट होता है, तो उसकी ओसीआई पंजीकरण रद्द की जा सकती है.

ओसीआई योजना की शुरुआत 2005 में नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के माध्यम से हुई थी. यह योजना उन व्यक्तियों के लिए है जो 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत के नागरिक रहे हों या उस तिथि को नागरिक बनने के पात्र रहे हों. हालांकि, पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक रहे या उनसे जुड़े वंश वाले व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं. मंत्रालय के अनुसार, नए नियम ओसीआई प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ अनुपालन और सुरक्षा प्रावधानों को मजबूत करने के उद्देश्य से लाए गए हैं.  (dw.com/hi)

 

 

 

 


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