ताजा खबर

खाद की बड़ी किल्लत, अब खरीफ के लिए नीले-हरे शैवाल, जैव उर्वरकों का सहारा
20-Apr-2026 9:59 AM
खाद की बड़ी किल्लत, अब खरीफ के लिए नीले-हरे शैवाल, जैव उर्वरकों का सहारा

आज दोपहर पीसी में खुलासा करेंगे कृषि, खाद्य और पेट्रोलियम अफसर 

रायपुर, 20 अप्रैल। सरकार खरीफ फसल के लिए रासायनिक खाद की बड़ी किल्लत से जूझ रही है। इसे देखते हुए कृषि उत्पादन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था तेज कर दी है।‌

विभाग ने इस माह के शुरू में ही कह दिया था कि पश्चिम एशिया, विशेषकर ईरान में पिछले एक माह से जारी संघर्ष के मद्देनज़र पेट्रोलियम उत्पादों तथा उर्वरक निर्माण में प्रयुक्त आवश्यक कच्चे माल के आयात में बड़े व्यवधान की आशंका उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति के कारण निकट भविष्य में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता प्रभावित होने की संभावना है। सरकार अब “हरित खाद, नीली-हरी शैवाल एवं जैव उर्वकों” के उपयोग को बढ़ावा देगी।

विभाग का कहना है कि ये जैविक स्रोत फसलों की पोषक आवश्यकता का लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा कर सकते हैं। साथ ही दो से तीन महीनों में इनके उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

धान उत्पादन में इनकी विशेष उपयोगिता एवं रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को 50 प्रतिशत तक कम की जा सकती है।

इस किल्लत और वैकल्पिक उपाय को लेकर प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, श्रीमती शहला निगार,  संचालक खाद्य एवं आपूर्ति,डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी के साथ तेल कंपनियों के कल सोमवार को दोपहर 3:00 बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस को सम्बोधित करेंगे।


अन्य पोस्ट