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रायपुर,11 फरवरी। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा है कि कांग्रेस देश में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते मुसलमानों को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुगल शासक अकबर और बाबर का शासन नहीं है कांग्रेस शासनकाल में तुष्टिकरण की राजनीति कर मुसलमानों के मन में अपनी ही मातृभूमि के प्रति भ्रम और भय पैदा किया गया।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को मुस्लिम एवं कांग्रेस अधिवेशनों से दूर रखा गया और मुसलमानों को यह कहकर गुमराह किया गया कि यह उनके मज़हब के खिलाफ है, जबकि इस्लाम में स्पष्ट लिखा है कि जिस देश में रहते हैं, उससे प्रेम करना, उसके कानून और संविधान का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। “मां तुझे सलाम” जैसे शब्द भी इसी भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी सरकार है जो “सबका साथ, सबका विकास और सबकी समृद्धि के मंत्र पर कार्य कर रही है। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय हित और मानवता के मूल्यों के साथ काम कर रही है। देश संविधान से चलेगा, न कि शरीयत कानून से, और यही भारत की असली ताकत है। सलीम राज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाकर समाज को बांटने का काम किया और वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरियां बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कांगेस शासन में देश में बार-बार दंगे हुए, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर हुआ, जबकि भाजपा शासनकाल में देश दंगा-मुक्त है।
उन्होंने मुस्लिम समाज से आह्वान किया कि वे आगे आएं, देश के संविधान का पालन करें और समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करें, ताकि समाज समानता और विकास की राह पर आगे बढ़ सके।
छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार का उदाहरण देते हुए सलीम राज ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 6,412 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध समुदाय के लोगों ने अपने-अपने रीति-रिवाज से विवाह किया। यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी वास्तव में सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ काम कर रही है।


