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सरकार ने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य की कर हिस्सेदारी नहीं घटाई है: वित्त मंत्री
11-Feb-2026 9:22 PM
सरकार ने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य की कर हिस्सेदारी नहीं घटाई है: वित्त मंत्री

नयी दिल्ली, 11 फरवरी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों को केंद्र से उनकी कर हिस्सेदारी का हस्तांतरण नहीं होने संबंधी कुछ विपक्षी सांसदों के आरोपों को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि सरकार ने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य का हिस्सा नहीं घटाया है।

सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि सरकार ने बजट में पांच मेडिकल क्लस्टर, पांच मेगा औद्योगिक पार्क, बुजुर्ग देखभाल के लिए पेशेवरों को तैयार करने जैसी कई घोषणाएं की हैं जिनसे लाखों रोजगारों का सृजन होगा।

सीतारमण ने कहा, ‘‘हम पर आरोप लगता है कि हम राज्यों की 41 प्रतिशत कर हिस्सेदारी का हस्तांतरण नहीं करते। मैं सदन के माध्यम से आश्वासन देती हूं कि हमने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य का हिस्सा नहीं घटाया है।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने 2018-19 से 2022-23 तक राज्यों की कर हिस्सेदारी का विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि केंद्र से राज्यों को मिलने वाला यह धन आयोग की सिफारिश से पूरी तरह मेल खाता है और इसमें कोई कमी नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कुल कर हस्तांतरण 25.44 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में 2.07 लाख करोड़ रुपये अधिक होगा।

सीतारमण ने कहा कि संविधान ने केंद्र को उपकर और अधिशेष लगाने का अधिकार दिया है और विभाज्य पूल में वह शामिल नहीं होता है, इसलिए राज्यों की कुल कर हिस्सेदारी की बात करते समय उपकर और अधिशेष संबंधी आरोप अनुचित हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र जो उपकर वसूलता है उसमें से भी राज्यों को अस्पताल, स्कूल और सड़क आदि के निर्माण के लिए सहायता देता है।

सीतारमण ने कहा कि यह बजट इस सदी के दूसरे चतुर्थांश के पहले साल का बजट है और इसमें 2026 से लेकर 2050 तक के कई सारे विषयों को समाहित किया गया है और दीर्घकालिक निवेश की कई योजनाओं की घोषणा की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर विशेष ध्यान देते हुए बजट में स्पष्ट घोषणा की है कि जिन मध्यम उद्योगों की निर्यात बढ़ाने की क्षमता है, उन्हें और मदद दी जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की योजना है जहां चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सहायक सुविधाएं एक ही जगह होंगी और इसके लिए किसी राज्य के नाम की घोषणा नहीं की गई है, बल्कि कोई भी राज्य इसके लिए पहल कर सकता है। उन्होंने कहा कि इससे देश मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा।

सीतारमण के अनुसार सरकार ने औद्योगिक क्लस्टर के पास मेगा उद्यमशीलता निर्माण केंद्र बनाने की घोषणा की है और ये भी किसी राज्य में बन सकते हैं।

युवाओं को रोजगार देने के लिए बजट में कोई नीति नहीं होने संबंधी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए भी राज्यों के साथ काम करना चाहती है और इन सारी योजनाओं से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 200 ‘लीगसी क्लस्टर’, जो दशकों से जाने जाते रहे हैं को आधुनिक बनाने के लिए धन देने का प्रस्ताव रखा है। इनमें लुधियाना, जालंधर और कानपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए 1.5 लाख युवाओं को इसी साल प्रशिक्षित करने की योजना है जो योग आदि में कुशल होंगे।

सीतारमण ने कहा कि बजट में ‘आइकोनिक टूरिज्म सेंटर’ की घोषणा हुई है और यह भी रोजगार से जोड़ने वाली योजना है क्योंकि इसके तहत 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार किये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत दिव्यांग लोगों को आईटी और ‘एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बजट में नारियल संवर्धन घोषणा तत्काल एक करोड़ नारियल उत्पादक किसानों को लाभान्वित करेगी।

केरल और कर्नाटक के कुछ सदस्यों द्वारा बजट में चंदन उत्पादन की बात नहीं होने संबंधी दावों पर सीतारमण ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझे आदेश दिया था कि भारतीय संस्कृति से जुड़े चंदन पर ध्यान देना होगा। हमारे यहां चंदन की पैदावार कम हो रही है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार इसे प्रोत्साहित करेगी।

पिछले बजट में घोषित मखाना बोर्ड पर कोई क्रियान्वयन नहीं होने संबंधी कुछ विपक्षी सांसदों के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि इसकी घोषणा के समय 13 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था जो इस बजट में बढ़ाकर 19 करोड़ रुपये किया गया है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने मखाना बोर्ड के लिए जमीन आवंटित कर दी है।

उत्तर प्रदेश को बुलेट ट्रेन नहीं मिलने संबंधी सपा नेता अखिलेश यादव के बयान पर वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य को दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिए गए हैं जिनमें एक दिल्ली से वाराणसी और वहां से सिलीगुड़ी तक है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वार्षिक रेल बजट 2014 की तुलना में करीब 18 गुना बढ़ा है।

उन्होंने बजट में पश्चिम बंगाल का उल्लेख नहीं होने के तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य के दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि सरकार की पूर्वोदय योजना में पश्चिम बंगाल एक प्रमुख राज्य है और बजट में घोषित एकीकृत ‘‘ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’’ का केंद्र दुर्गापुर होगा।

सीतारमण ने कहा कि बजट में जूट पुनरुद्धार के लिए बड़ी घोषणा की गई है जिससे लाखों जूट उत्पादक लाभान्वित होंगे। (भाषा)


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