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बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन के नए हिस्से को हरी झंडी मिली
01-Feb-2026 2:57 PM
बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन के नए हिस्से को हरी झंडी मिली

सीआरएस ने दो दिन तक निरीक्षण करने के बाद दी मंजूरी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 1 फरवरी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बिलासपुर से झारसुगुड़ा मार्ग पर चल चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता मिली है। सभी तकनीकी परीक्षणों के संतोषजनक पाए जाने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने इस नई चौथी रेल लाइन पर ट्रेन संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है।

बिलासपुर–झारसुगुड़ा के बीच लगभग 206 किलोमीटर लंबे विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसी क्रम में कोतरलिया,रायगढ़, किरोडीमल नगर, भूपदेवपुर स्टेशनों के बीच 26.1 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद 29 और 30 जनवरी  को बी.के. मिश्रा, रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिण-पूर्वी सर्किल) ने इस सेक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत भूपदेवपुर स्टेशन से हुई, जहां स्टेशन के केबिन, पैनल रूम और यार्ड की बारीकी से जांच की गई। साथ ही संबंधित अधिकारियों के साथ तकनीकी और परिचालन बिंदुओं पर चर्चा भी की गई।

इसके बाद आयुक्त ने निरीक्षण दल के साथ मोटर ट्रॉली से भूपदेवपुर से कोतरलिया तक नई चौथी रेल लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान इंटरलॉकिंग सिस्टम, प्वाइंट्स व क्रॉसिंग, ओवरहेड इक्विपमेंट, पुल, लेवल क्रॉसिंग और सिग्नलिंग व्यवस्था सहित सभी सुरक्षा और परिचालन पहलुओं की गहन जांच की गई। निरीक्षण के पश्चात ओएमएस कोच के साथ हाई-स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

सभी परीक्षणों के संतोषजनक पाए जाने पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने इस चौथी रेल लाइन पर ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी। इसके चालू होने से इस व्यस्त रेल खंड की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ट्रेनों की समयपालन क्षमता सुधरेगी और यात्री व माल परिवहन दोनों को सुगमता मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्रीय उद्योग, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को भी नई गति देगी।

बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना (206 किमी) की कुल लागत लगभग 2135.34 करोड़ है। अब तक इस परियोजना के अंतर्गत 175 किलोमीटर से अधिक रेल लाइन का निर्माण पूरा किया जा चुका है।


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