ताजा खबर
नयी दिल्ली, 1 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में 2026-2031 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर हस्तांतरण पर 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश की।
संविधान के तहत गठित वित्त आयोग केंद्र और राज्यों के बीच कर के बंटवारे का एक फॉर्मूला देता है।
केंद्र द्वारा लगाए गए उपकर और अधिभार इस विभाज्य पूल का हिस्सा नहीं होते।
वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है जो केंद्र-राज्य के वित्तीय संबंधों पर सुझाव देती है और समय-समय पर इसका पुनर्गठन किया जाता है।
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की अगुवाई में 16वें वित्त आयोग का गठन 31 दिसंबर, 2023 को किया गया था।
पनगढ़िया के नेतृत्व वाले आयोग के सदस्यों में सेवानिवृत्त एनी जॉर्ज मैथ्यू, अर्थशास्त्री मनोज पांडा, एसबीआई समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष, और भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर हैं।
आयोग के सचिव ऋत्विक पांडेय ने 17 नवंबर, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी। (भाषा)


