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तीन घंटे बाद नीचे उतार पाई पुलिस, गिरफ्तार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 1 फरवरी। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने पर ग्राम कसौंदी निवासी किसान अनिल गढ़वाल (35) 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया और करीब तीन घंटे तक वहीं बैठा रहा। इस दौरान वह कभी टावर से झूलता तो कभी नीचे उतरने की कोशिश करता नजर आया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं।
घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। सामने आए वीडियो में किसान यह कहते हुए दिखा कि जब तक उसका बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। किसान का कहना था कि धान खरीदी का अंतिम दिन होने के बावजूद उसके करीब 150 बोरा धान की बिक्री नहीं हो पाई है, जबकि उस पर लगभग डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी है।
जानकारी के अनुसार अनिल गढ़वाल के पास लगभग 2.77 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वह धान की खेती करता है। इस खरीफ सीजन में वह गोद धान मंडी में एक बार में 29 क्विंटल धान बेच चुका है, लेकिन उतनी ही मात्रा करीब 150 बोरा अब तक नहीं बिक सकी। बार-बार प्रयास के बावजूद जब टोकन नहीं कटा, तो वह मानसिक रूप से टूट गया।
शनिवार सुबह करीब 9 बजे किसान गुस्से और टावर पर चढ़ गया। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। सिटी कोतवाली पुलिस के साथ तहसीलदार राजकुमार मरावी प्रशासनिक टीम सहित मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर सेना (होमगार्ड) को भी बुलाया गया। किसी अनहोनी से बचने के लिए टावर के नीचे सुरक्षा जाली बिछाई गई।
घटना की जानकारी मिलते ही किसान के परिजन भी मौके पर पहुंचे। पत्नी ने मोबाइल पर बात कर पति को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा। नशे की हालत में वह टावर पर झूलता रहा और बार-बार अपनी मांग दोहराता रहा।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर किसान को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का दावा है कि वह नशे की हालत में था।
इस घटना पर कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने सरकार की धान खरीदी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति में कोई स्पष्ट लिखित आदेश न होने के बावजूद जिले में किसानों पर कठोर फैसले थोपे जा रहे हैं। कई किसानों के टोकन कट चुके हैं, जबकि कई अब भी टोकन के इंतजार में हैं। इसी मजबूरी ने एक किसान को जान जोखिम में डालकर विरोध करने पर मजबूर किया।
किसान को नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार वह नशे में था और सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि धान बिक्री और टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर उसने आत्महत्या की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की।
पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 224, 226, 296 और 308(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।


